औद्योगिक प्रक्षेत्र के लिए बियाड़ा को जमीन नहीं देंगे किसान, सीओ का दिलाया ध्यान
Updated at : 20 Jan 2026 5:44 PM (IST)
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डीएम से भी मिलकर अपनी समस्या से अवगत करायेंगे किसान
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डीएम से भी मिलकर अपनी समस्या से अवगत करायेंगे किसान
अंबा. किसान अपनी उपजाऊ जमीन औद्योगिक प्रक्षेत्र के लिए बियाड़ा को नहीं देंगे. इस संबंध में महसु, जौडा, करमडीह, इरियप आदि गांव के लोगों कुटुंबा सीओ को आवेदन सौपा है. पता चला कि ग्रामीण आवेदन के साथ अंचल कार्यालय पहुंचे. किसानों का नेतृत्व कर रहे मुखिया रवींद्र यादव व पैक्स अध्यक्ष अभिजीत कुमार सिंह ने कहा कि किसानों की बगैर सहमति के एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहीत जमीन के बगल में भी बियाड़ा के लिए जमीन अधिग्रहित की जा रही है, जो कतई उचित नहीं है. किसानों से यदि जबरन जमीन ली जाती है, तो कई किसान भूमिहीन के साथ-साथ बेघर भी हो जायेंगे. किसान अर्जुन कुमार सिंह, अनुग्रह सिंह, सूर्यदेव सिंह, जगनारायण यादव, सरजू यादव, बाबूलाल यादव, हरेंद्र राम आदि ने बताया कि जमीन अधिग्रहित किये जाने को लेकर किसानों से किसी तरह की विचार-विमर्श नहीं किया गया है. वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस-वे निर्माण को लेकर अधिग्रहण किये जाने के बाद हम सभी के पास काफी कम जमीन बची है. बची हुई जमीन काफी उपजाऊ एवं आवासीय प्रक्षेत्र है तथा सघन आबादी से घिरा है. यदि बियाड़ा द्वारा भूमि अधिग्रहण किया जाता है, तो हम सभी किसानों के पास खेती करने के साथ-साथ घर बनाने के लिए भी जमीन नहीं बचेगा. पहले भी इस समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया गया है. किसानों ने कहा कि हम सभी डीएम से भी मिलकर अपनी समस्या से अवगत करायेंगे. यदि इसके बाद भी हमारी समस्याओं पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन किया जायेगा. इसके साथ ही हम सभी न्यायालय का शरण लेंगे. इस संबंध में अंचल अधिकारी चंद्रप्रकाश ने बताया कि भूमि अधिग्रहण को लेकर वरीय पदाधिकारी के निर्देश पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. किसानों के मामले से विभाग को अवगत कराया जायेगा.तकरीबन 300 एकड़ भूमि किया जाना है अधिग्रहित
जानकारी के अनुसार, कुटुंबा प्रखंड अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र के लिए तकरीबन 300 एकड़ भूमि अधिग्रहित किये जाने की प्रक्रिया की जा रही है. इसके लिए सरकार द्वारा राशि भी आवंटित कर दी गयी है. भूमि अधिग्रहण वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस-वे सड़क के दाएं व बाय दोनों ओर किया जा रहा है. किसानों ने कहा कि यदि गांव से अलग हटकर पहाड़ी क्षेत्रों में सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहित किया जाता है, तो हम सभी अपनी जमीन देने को तैयार है, परंतु गांव से सटे उपजाऊ जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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