मांगों को लेकर कार्यपालक सहायक का आंदोलन शुरू, काली पट्टी बांध जताया विरोध

पिछले दो माह के अंदर सभी विभागों में कार्यरत सभी कर्मियों का 50 प्रतिशत से लेकर 60 प्रतिशत तक मानदेय में वृद्धि की गयी है
औरंगाबाद/अंबा. सेवा नियमित, राज्य कर्मी का दर्जा एवं वेतनमान समेत अपनी विभिन्न मंगों को लेकर कार्यपालक सहायक का चरणबद्ध आंदोलन शुरू हो गया. पहले दिन बुधवार को जिले के विभिन्न विभागों में कार्यरत कार्यपालक सहायकों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध जताते हुए कार्य किया. कार्यपालक सहायक सेवा संघ जिला ईकाई औरंगाबाद के सचिव रंजन कुमार एवं पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र ठाकुर ने बताया कि हम सभी कार्यपालक सहायक विभिन्न विभागों में पिछले 14 से 15 वर्षों से अपनी सेवा दे रहे हैं, परंतु अब तक हमारा सेवा संवर्ग का गठन नहीं किया गया है. पिछले दो माह के अंदर सभी विभागों में कार्यरत सभी कर्मियों का 50 प्रतिशत से लेकर 60 प्रतिशत तक मानदेय में वृद्धि की गयी है, परंतु कार्यपालक सहायक का वेतन में किसी तरह का इजाफा नहीं किया गया. इसके साथ ही अन्य मांगों पर भी किसी तरह की पहल नहीं की गई. ऐसी स्थिति में प्रदेश कमेटी द्वारा चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है. इससे संबंधित पत्र जिलाधिकारी को समर्पित कर दी गई है. बताया कि तीन सितंबर से छह सितंबर तक सभी कार्यरत कार्यपालक सहायक काला बिल्ला लगाकर कार्य करेंगे. इस बीच पांच सितंबर की शाम जिला मुख्यालय में मसाला जुलूस निकाला जायेगा तथा सात सितंबर को धरना पर बैठेंगे. इस दौरान सभी विधायक, विधान पार्षद, सांसद, राज्यसभा सदस्य, पूर्व सांसद व सभी पार्टी के जिलाध्यक्ष को मांग पत्र सौंपा जायेगा.
मांग नहीं माने जाने पर सितंबर के बाद तेज होगा आंदोलन
कार्यपालक सहायक द्वारा सांकेतिक रूप से विरोध जताते हुए कार्य किया जा रहा है. इस बीच सरकार द्वारा सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो 10 सितंबर के बाद आंदोलन तेज किया जायेगा. सचिव ने बताया कि प्रदेश कमेटी में लिए गए निर्णय के अनुसार 10 के बाद सभी कार्यपालक सहायक दो दिन के सामूहिक अवकाश पर जाएंगे. यदि इसके बाद भी पहल नहीं की गयी तो हड़ताल एवं अनशन किया जायेगा.ये है इनकी प्रमुख मांगें
जिलाध्यक्ष ने कहा कि 10 सूत्री मांगों को लेकर वे लागातर संघर्ष कर रहे हैं. उनकी मांगों में कार्यपालक सहायक के सेवा संवर्ग का गठन कर स्थायीकरण करते हुए राज्य कर्मी का दर्जा देने, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, अपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस विभाग में कार्यरत अनुबंध कर्मी की सेवा स्थाई की प्रक्रिया को अपनाते हुए कार्यपालक सहायक को भी सेवा स्थाई का लाभ देने, पूर्व में हटाए गए कार्यपालक सहायकों का समायोजन करने, सेवा स्थाई होने तक पे-मैट्रिक्स के आधार पर वेतन निर्धारण करने, पूर्व के हड़ताल की अवधि को अवकाश में समायोजित करते हुए मानदेय का भुगतान करने, इपीएफ का आच्छादन नियुक्ति तिथि से करने, चिकित्सा का लाभ दने, कार्यपालक सहायक के पद की योग्यता मैट्रिक से उन्नयन कर इंटरमीडिएट करने, सेवा के दौरान मृत्यु होने पर आश्रित को अनुकंपा के तहत नौकरी देने तथा कार्यपालक सहायक के नियोजन की प्रक्रिया पुन: शुरू करने शामिल है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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