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भगवान श्रीसूर्य नारायण इंटर महाविद्यालय के कर्मचारियों ने काली पट्टी बांध किया प्रदर्शन

Updated at : 02 Sep 2025 4:56 PM (IST)
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भगवान श्रीसूर्य नारायण इंटर महाविद्यालय के कर्मचारियों ने  काली पट्टी बांध किया प्रदर्शन

मांगों के संबंध में उठायी आवाज

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मांगों के संबंध में उठायी आवाज देव. वित्त रहित शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को भगवान श्री सूर्य नारायण इंटर महाविद्यालय देव में कर्मचारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ काली पट्टी बांध विरोध जताया. अनुदान के बदले सम्मानजनक वेतन (नियत मानदेय) उम्र सीमा में बढ़ोत्तरी, जांच के नाम पर प्रस्वीकृति निलंबन जैसे कार्रवाई को वापस लेते हुए सभी शिक्षण संस्थानों को पहले की भांति प्रस्वीकृति बहाल करने, कार्यरत कर्मचारियों की सेवा स्थायीकरण जैसे मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. कर्मचारियों का कहना था कि सरकार आज अपने अधिनस्थ सभी कर्मचारियों व अनुबंध पर कार्य करने वाले कर्मियों को अनेक सुविधाओं में बढ़ोतरी की है. आज भी सिर्फ वित्त रहित शिक्षा नीति के तहत संचालित संस्थानों के शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी अछूता रह गये है. पिछले 40 वर्षों से ऐसे संस्थानों में कार्यरत कर्मी बिना मानदेय के शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर राज्य की शिक्षा नीति को बेहतर बनाने और बिहार के युवाओं को शिक्षित करने में अपनी भूमिका का निर्वहण कर रहे है. 2008 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य से वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करते हुए सभी शिक्षण संस्थानों को वित्त अनुदानित करने की घोषणा की और छात्र उतीर्णता के आधार पर अनुदान की व्यवस्था करते हुए अनुदान की राशि से कार्यरत कर्मियों को वेतन भुगतान का नियम बनाया. इस प्रक्रिया के तहत संस्थानों को 2008 से 2018 तक का अनुदान निर्गत किया गया, लेकिन प्रक्रिया में कुछ त्रुटि के कारण अनुदान की राशि का शत प्रतिशत लाभ कार्यरत कर्मियों को नही मिल पा रहा. अभी भी लगभग आठ वर्षों का अनुदान लंबित है. 2008 से 2025 के बीच राज्य कर्मचारियों को वेतन भुगतान में अप्रत्याशित वृद्धि की गयी. आज महंगाई भी उसी अनुरूप बढ़ी है, फिर भी अनुदान की राशि 2008 के आकलन के अनुरूप निर्धारित है. उदाहरण स्वरूप रसोइया का मानदेय दोगुना, शारीरिक शिक्षा अनुदेशकोंं का मानदेय 400 रुपया वार्षिक वृद्धि के समतुल्य दुगुना, किया गया है. आज वित्त रहित शिक्षको व शिक्षकेतर कर्मियों की स्थिति बद से बदतर है. सभी वित्त रहित व अनुदानित कर्मचारी राज्य सरकार की ओर अपेक्षा भरी निगाहों से देख रहे है. विरोध जताने वालों में महाविद्यालय के प्राचार्य अरविंद कुमार सिंह, प्रभारी अनिल कुमार सिंह, शिक्षक प्रतिनिधि सुदर्शन दास, राम एकबाल पाठक, अरुण कुमार सिंह, आलोक कुमार, लवलेश कुमार सिंह, कंचन कुमारी, अंजू शर्मा, कुमार सरोज सिंह, चंदन मिश्रा, सूचित कुमार मिश्रा, कुमार धीरज, रामानंद पासवान, अंतु रजक आदि शामिल थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUJIT KUMAR

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