स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर, मातृ-शिशु मृत्यु दर घटाने को आशा को दिये निर्देश

Published by :SUJIT KUMAR
Published at :05 May 2026 5:38 PM (IST)
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स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर, मातृ-शिशु मृत्यु दर घटाने को आशा को दिये निर्देश

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सर्वाइकल कैंसर रोकथाम और टीकाकरण पर विशेष फोकस, आशा की भूमिका अहम

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सर्वाइकल कैंसर रोकथाम और टीकाकरण पर विशेष फोकस, आशा की भूमिका अहम प्रतिनिधि, दाउदनगर. अनुमंडलीय अस्पताल सभागार में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम करने के उद्देश्य से समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता उपाधीक्षक डॉ शांता कुमारी ने की. इसमें आशा के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. बैठक में बीसीएम अमृता कुमारी, अस्पताल प्रबंधक ठाकुर चंदन सिंह सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे. उपाधीक्षक ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर देते हुए आशा को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए लगातार जागरूक करना जरूरी है, ताकि सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित हो सके और जटिलताओं से बचा जा सके. उन्होंने आशा को निर्देश दिया कि वे गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों को सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दें. अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं, जिनका लाभ अधिक से अधिक महिलाओं को मिलना चाहिए. बैठक में सर्वाइकल कैंसर से बचाव पर भी चर्चा की गई. उपाधीक्षक ने बताया कि 15 वर्ष आयु वर्ग की लड़कियों को गार्डासिल टीका लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. आशा कार्यकर्ताओं को स्कूलों और समुदायों में जाकर छात्राओं और अभिभावकों को इसके महत्व के बारे में जागरूक करने का निर्देश दिया गया. समय पर टीकाकरण से इस गंभीर बीमारी से बचाव संभव है. इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को एफसीएम (आयरन) इंजेक्शन लेने के लिए प्रेरित करने को कहा गया. प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत आयोजित शिविरों में एनीमिया से ग्रसित गर्भवती महिलाओं की जांच और उपचार की व्यवस्था की जाती है. ऐसे में आशा की जिम्मेदारी है कि वे अधिक से अधिक महिलाओं को इन शिविरों तक लाएं. उपाधीक्षक ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में आशा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. उनके सहयोग से ही सरकारी योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकती हैं. उन्होंने सभी से अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने और समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया.

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