बच्चों को दी गयी व्रजपात के कारणों की जानकारी

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बच्चों को दी गयी व्रजपात के कारणों की जानकारी

जलपुरा मिडिल स्कूल में हुआ सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम

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हसपुरा. प्रखंड के मध्य विद्यालय जलपुरा में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम सुरक्षित शनिवार को आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में व्रजपात किस कारण होता है. इसकी जानकारी विस्तार से बच्चों को दी गयी. पृथ्वी के तापमान में ज्यादा वृद्धि व कम दबाव का क्षेत्र बनने की वजह से वायुमंडल में अस्थिर हो जाता है और सतह की गर्म हवा लगातार ऊपर जाती है. पृथ्वी के तापमान में ज्यादा ऊपर का तापमान कम होने की वजह से वायु में उपस्थित वाष्प पानी की छोटी-छोटी बूंदों में बदल जाता है. इस घटना के कारण बार-बार होने से एक विशेष प्रकार के बादल बनते हैं, जिसे क्यूमलोनिम्बस बादल कहते हैं. इस प्रकार के वह बादलों में पानी की मात्रा ज्यादा होती है. बादल काफी ऊंचे होते हैं तथा इसका घनत्व भी ज्यादा होता है. वज्रपात वाले बादल बनने की तीन प्रक्रियाएं होती है. टावर के रूप में बादलों का बना, पूरी तरह से मोटी तह में बादल का जाम जाना, समाप्त होने की स्थिति, प्रत्येक चरण औसतम आधा घंटे में पूरा होता है, इस प्रकार इन बादलों का जीवन चक्र औसतम डेढ़ घंटे का होता है. व्रजपात या ठनका हमारे वायुमंडल में बादलों एवं पृथ्वी की सतह के बीच होने वाला एक विद्युत प्रवाह है. इस विद्युत प्रवाह के कारण वायुमंडल में ऊपर से नीचे की ओर एक तीव्र प्रकाश के साथ-साथ तेज गरजने की आवाज सुनायी पड़ती है. तीव्र प्रकाश के साथ जो प्रवाह पृथ्वी पर आता है. इसी को वज्रपात ठनका गिरना कहते हैं. वज्रपात से बचने के उपाय बिजली गिरने के दौरान मजबूत छत वाला पक्का मकान सबसे सुरक्षित है. घरों में तड़ित चालक लगवाना चाहिए. बिजली के चलने वाले उपकरण बंद कर दे.वहां पर सवार यात्री है तो तुरंत सुरक्षित जगह पर चले जाये. बिजली के पोल के अलावा टेलीफोन टावर और टीवी टावर से दूर रहे. कपड़ा सूखाने के लिए तार का प्रयोग न करें और जूट या सुत की रस्सी का उपयोग करें. तालाब और जलाशय से दूर रहे, खिड़कियां दरवाजे बरामदे व छत से दूर रहे, समूह में न खड़ा हो बल्कि अलग-अलग खड़े रहे. खेतों में हल चलाते हुए या रोपनी का कार्य कर रहे किसान या मजदूर तुरंत सूखे हुए सुरक्षित स्थान पर चले जायें, हो सके तो पैरों के नीचे सूखी पत्ती चीज जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख ले. मध्य विद्यालय जलपुरा के प्रधानाध्यापक उमेश चौधरी सुरक्षित शनिवार में काफी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया, जिसमें सहायक शिक्षकों ने काफी उत्साह से कार्य किया. शिक्षिका विद्यावती देवी, जितेंद्र कुमार सिंह, पंकज कुमार, सत्यजीत प्रसाद, मनोज कुमार, गौरव पटेल, स्वाति कुमारी, सायमा निगार, पूनम कुमारी व शिक्षा सेवक सोनू कुमार व मनोज कुमार सभी उपस्थित थे.

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Sujit Kumar

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