औरंगाबाद के जयशंकर कुमार सेल्फ स्टडी के दम पर बने राजस्व अधिकारी, चौथे प्रयास में मिली सफलता
जयशंकर कुमार बने राजस्व अधिकारी। फोटो- प्रभात खबर
BPSC 70th Result: औरंगाबाद के दाउदनगर निवासी जयशंकर कुमार ने 70वीं BPSC परीक्षा में चौथे प्रयास में सफलता हासिल कर राजस्व अधिकारी पद प्राप्त किया है. सेल्फ स्टडी के दम पर मिली यह सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा है.
औरंगाबाद के दाउदनगर से ओम प्रकाश की रिपोर्ट
BPSC 70th Result: दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और धैर्य के बल पर जिले के दाउदनगर प्रखंड के एकौनी गांव निवासी जयशंकर कुमार ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. चौथे प्रयास में मिली इस सफलता के साथ उनका चयन राजस्व अधिकारी (आरओ) पद के लिए हुआ है. परीक्षा में उन्होंने 774 अंक प्राप्त किए हैं. जयशंकर के पिता परीखा सिंह किसान हैं, जबकि माता निर्मला कुमारी अवकाश प्राप्त शिक्षिका हैं. उनकी सफलता की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उन्होंने बीपीएससी की तैयारी के लिए किसी बड़े शहर या कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया, बल्कि अपने घर पर रहकर ही सेल्फ स्टडी के माध्यम से तैयारी की. उन्होंने वर्ष 2022 से अपनी तैयारी शुरू की थी.
असफलताओं के बाद भी नहीं मानी हार
संघर्ष और निरंतरता की मिसाल बने जयशंकर ने बताया कि 67वीं और 68वीं बीपीएससी परीक्षा में वे इंटरव्यू तक पहुंचे थे, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका. 69वीं बीपीएससी में उनका पीटी भी नहीं निकला. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी. आखिरकार 70वीं बीपीएससी परीक्षा में उन्हें सफलता मिली. उन्होंने यह भी बताया कि वे यूपी पीसीएस की परीक्षा में अंतिम चयन से मात्र दो अंक से पीछे रह गए थे. जयशंकर ने कहा कि तैयारी के दौरान वे केवल टेस्ट देने के लिए दाउदनगर से पटना जाया करते थे. उन्होंने बताया कि बिहार में बेहतर हुई सड़क संपर्क व्यवस्था के कारण दो से ढाई घंटे में पटना पहुंच जाते थे और टेस्ट देकर उसी दिन घर लौट आते थे. बाकी समय घर पर रहकर अध्ययन करते थे.

BPSC Success Story: बहन की सफलता से मिली बड़ी प्रेरणा
उन्होंने अपनी सफलता का बड़ा श्रेय अपनी बहन श्वेंदु कुमारी को दिया, जिन्होंने टीआरई-3 परीक्षा में गणित विषय से सफलता प्राप्त कर शिक्षिका बनी हैं. उनके अनुसार बहन की सफलता ने उन्हें लगातार प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि उनकी मां ने अपने पूरे सेवा काल में बच्चों की पढ़ाई-लिखाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी. जयशंकर की प्रारंभिक शिक्षा विवेकानंद मिशन स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने मेरठ से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, भाई-बहनों, गुरुजनों तथा बड़े भाई रविशंकर कुमार को दिया, जिन्होंने हर कदम पर उनका उत्साह बढ़ाया.
युवाओं को दिया आत्मानुशासन का संदेश
उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि सफलता के लिए आत्मानुशासन, आत्मविश्वास और धैर्य बेहद जरूरी है. घबराने के बजाय लक्ष्य को स्पष्ट रखें और उसकी महत्ता को समझते हुए लगातार मेहनत करें. उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा ऐसे पद पर कार्य करने की थी, जहां लोगों के बीच रहकर सेवा करने का अवसर मिले और अब उनकी यह इच्छा पूरी हो गई है.
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लेखक के बारे में
By विकाश झा
विकाश झा डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में छह वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है. स्पोर्ट्स, हाइपरलोकल और पॉलिटिकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. क्रिकेट, समाज और राजनीति से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है. वे तथ्य आधारित, प्रभावशाली और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करने में रुचि रखते हैं.
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