औरंगाबाद: रानीगंज में भाजपा-विहिप संघर्ष की बात गलत, आनंद साव ने दी सफाई, बोले- व्यक्तिगत विवाद को संगठन से जोड़ना गलत

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प्रेस कॉन्फ्रेंस करते आनंद साव

रानीगंज में भाजपा और विश्व हिंदू परिषद के बीच किसी भी तरह के संघर्ष की खबरों को आनंद साव ने सिरे से खारिज किया, इसे व्यक्तिगत विवाद बताया.

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Aurangabad News : रानीगंज के 88 नंबर वार्ड अंतर्गत ईस्ट कॉलेजपाड़ा स्थित भाजपा कार्यालय में रविवार को जिला भाजपा एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य आनंद साव ने संवाददाता सम्मेलन किया. उन्होंने रानीगंज में भाजपा और विश्व हिंदू परिषद यानी विहिप कार्यकर्ताओं के बीच कथित संघर्ष को लेकर पार्टी का पक्ष स्पष्ट किया. आनंद साव ने कहा कि भाजपा और विहिप के बीच किसी तरह का कोई संघर्ष या संगठनात्मक विवाद नहीं हुआ है. जिस घटना को दोनों संगठनों के बीच टकराव के रूप में पेश किया जा रहा है, वह पूरी तरह व्यक्तिगत विवाद का मामला है.

उन्होंने कहा कि भाजपा और विश्व हिंदू परिषद समान विचारधारा वाले संगठन हैं. दोनों संगठनों के बीच लंबे समय से आपसी समन्वय रहा है और किसी तरह का गतिरोध या मतभेद नहीं है. आनंद साव ने दावा किया कि जिस रात विवाद की घटना हुई, उसका भाजपा या विहिप के संगठनात्मक कामकाज से कोई संबंध नहीं था.

व्यक्तिगत विवाद को संगठन से जोड़ने का आरोप

आनंद साव ने कहा कि कुछ लोग खुद को विहिप से जुड़ा बता रहे हैं, लेकिन वर्तमान समय में उनका संगठन से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने कहा कि संभव है कि ऐसे लोग पहले कभी विहिप से जुड़े रहे हों, लेकिन मौजूदा समय में उन्हें संगठन का पदाधिकारी या कार्यकर्ता बताना सही नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि विश्व हिंदू परिषद की ओर से पहले ही संवाददाता सम्मेलन कर इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है.

घटना में भाजपा का एक भी कार्यकर्ता शामिल नहीं था

भाजपा नेता ने कहा कि घटना में भाजपा का एक भी कार्यकर्ता शामिल नहीं था. उन्होंने दावा किया कि घटना से संबंधित वीडियो में मारपीट करने वाले लोगों की पहचान साफ तौर पर की जा सकती है और उनका भाजपा से कोई संबंध नहीं है. उनके मुताबिक, व्यक्तिगत विवाद को भाजपा और विहिप के बीच संघर्ष का रंग देकर पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है.

आनंद साव ने कहा कि भाजपा संगठन इस तरह की किसी भी घटना का समर्थन नहीं करता. उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के निजी विवाद को राजनीतिक या संगठनात्मक विवाद बताने से अनावश्यक भ्रम पैदा हो रहा है.

बादशाह चटर्जी-शमशेर सिंह के समर्थन में उतरे आनंद साव

संवाददाता सम्मेलन के दौरान आनंद साव ने भाजपा नेता बादशाह चटर्जी और शमशेर सिंह का भी बचाव किया. उन्होंने कहा कि दोनों रानीगंज क्षेत्र में भाजपा के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और लंबे समय से पार्टी के लिए काम करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं को बेवजह बदनाम करने की कोशिश को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

आनंद साव ने विवाद की मूल वजह को व्यक्तिगत पूजा से जुड़ा मामला बताया. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले का भाजपा या राजनीति से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने राजू गोराई का भी उल्लेख किया और कहा कि वह रानीगंज रेलवे स्टेशन के पास स्थित क्लब का सदस्य है.

खूंटी पूजन के लिए निमंत्रण देने से जुड़े दावों

उन्होंने खूंटी पूजन के लिए निमंत्रण देने से जुड़े दावों को भी गलत बताया. आनंद साव ने कहा कि इस मामले को जिस तरह से भाजपा और विहिप के बीच विवाद के तौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है, वह वास्तविक स्थिति से अलग है.

बादशाह चटर्जी के भाजपा कार्यालय को 'सिंडिकेट का कार्यालय' बताए जाने पर भी आनंद साव ने नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि जब रानीगंज में भाजपा का कोई दूसरा पार्टी कार्यालय नहीं था, उस समय भी यह कार्यालय मौजूद था. यहां भाजपा के नेता लगातार बैठकें और पार्टी की सभाएं करते रहे हैं.

आनंद साव ने अंत में कहा कि व्यक्तिगत लड़ाई को भाजपा और विहिप के बीच संघर्ष बताना पूरी तरह गलत और निंदनीय है. उन्होंने दोहराया कि संगठन के तौर पर भाजपा का इस घटना से कोई संबंध नहीं है और पूरे मामले को राजनीतिक विवाद का रूप देकर पार्टी को बदनाम करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए.

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Jitendra Trivedi

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