दानवीर भामाशाह इतिहास के स्वर्णअक्षरों में अंकित रहेंगे : अकेला

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दानवीर भामाशाह इतिहास के स्वर्णअक्षरों में अंकित रहेंगे : अकेला

अकेला ने कहा कि आज भी वैश्य समाज राष्ट्रहित में सहयोग देने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं

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फोटो नंबर-3-याद करते वैश्य चेतना समिति के सदस्य

हसपुरा.

देश में जब भी दानवीरों की चर्चा होगी दानवीर भामाशाह का नाम हमेशा स्वर्णअक्षरों में अंकित मिलेगा. उनके अंदर रग-रग में दानवीर की भावना भरी थी. ये बातें वैश्य चेतना समिति द्वारा आयोजित भामाशाह की जयंती समारोह में वैश्य चेतना समिति के जिला संयोजक सह लोजपा (आर) के प्रदेश सचिव विजय कुमार अकेला ने कही. अकेला ने कहा कि आज भी वैश्य समाज राष्ट्रहित में सहयोग देने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं. इतिहास गवाह है, जब-जब देश पर आंच पड़ी है, तब तब वैश्यों की भागीदारी रही है और वैश्य समाज पूरे तन-मन-धन से देश हित में सहयोग किया है. भामाशाह ने अपना संपूर्ण राजपाट धन दौलत देशहित में दान कर दिया था. अकेला ने भारत सरकार से दानवीर भामाशाह को भारत रत्न देने की मांग की एवं कहा की इनकी जयंती राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाये. कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मुखिया डॉ ललन पंडित व संचालन प्रो जयराम प्रसाद ने किया. वैश्य चेतना समिति के युवा प्रखंड अध्यक्ष राजू भारती, विवेक कुमार, सुजीत कुमार लाला, शंकर प्रसाद, सुनील कुमार, उमेश प्रसाद, आलोक कुमार, अभिषेक कुमार, नवल प्रसाद, गौतम शाही आदि लोगों ने दानवीर भामाशाह के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित किया. वक्ताओं ने उनकी जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डाला.

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Sujit Kumar

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