औरंगाबाद: बाबा बैद्यनाथ जाने वाले कांवरियों की सेवा को तैयार नीलकंठ महादेव समिति, 22 हजार वर्गफुट में बनेगा पंडाल

Updated:
विज्ञापन
समिति सदस्य लखन प्रसाद गुप्ता | Prabhat Khabar Network

समिति सदस्य लखन प्रसाद गुप्ता

औरंगाबाद की नीलकंठ महादेव सेवा समिति सावन महीने में बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले कांवरियों की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है। समिति ने 22 हजार वर्गफुट में भव्य पंडाल बनाया है और श्रद्धालुओं के लिए भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, और रात्रि जागरण जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

विज्ञापन

Aurangabad News: सावन के पवित्र महीने में बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले कांवरियों की सेवा के लिए औरंगाबाद की नीलकंठ महादेव सेवा समिति ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है. बांका जिले के कुमरसार नदी से करीब तीन किलोमीटर आगे जोरि पार स्थित समिति के सेवा स्थल पर कांवरियों के लिए करीब 22 हजार वर्गफुट क्षेत्र में भव्य पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है.

आगामी 30 जुलाई से सावन महीने की शुरुआत हो रही है. इसके साथ ही देवघर जाने वाले कांवरियों की संख्या भी बढ़ने लगेगी. इसे देखते हुए समिति की ओर से सेवा शिविर को पहले से अधिक सुविधाजनक और व्यापक बनाया जा रहा है.

पांच वर्षों से कांवरियों की सेवा कर रही समिति

नीलकंठ महादेव सेवा समिति पिछले पांच वर्षों से सावन के दौरान कांवरियों की सेवा में जुटी हुई है. इस वर्ष भी शिव भक्तों के सहयोग से सेवा शिविर में श्रद्धालुओं के लिए कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.

समिति की ओर से कांवरियों के लिए भोजन, नाश्ता और फलाहार की व्यवस्था रहेगी. इसके अलावा चाय, नींबू शर्बत और गर्म पानी भी उपलब्ध कराया जाएगा. लंबी दूरी पैदल चलकर आने वाले थके हुए कांवरियों के लिए तेल मालिश की सुविधा भी रखी गई है.

स्वास्थ्य सुविधा और एंबुलेंस की रहेगी व्यवस्था

सेवा शिविर में स्वास्थ्य सुविधा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. यहां डॉक्टरों की सेवा, जरूरी दवाइयां, दर्द निवारण की सुविधा और एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी.

किसी श्रद्धालु की अचानक तबीयत खराब होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा. इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शौचालय, स्नान और गर्म पानी के कुंड की भी व्यवस्था की जा रही है.

रात में होगा भक्ति जागरण, डाक बम के लिए विशेष व्यवस्था

समिति की ओर से रात में कांवरियों के लिए प्रतिदिन भक्ति जागरण का आयोजन किया जाएगा. वहीं डाक बम कांवरियों के लिए विशेष सेवा की व्यवस्था रहेगी.

विशाल पंडाल में श्रद्धालुओं के ठहरने और विश्राम करने की भी व्यवस्था की जा रही है, ताकि लंबी यात्रा के दौरान उन्हें राहत मिल सके.

असहाय श्रद्धालुओं तक पहुंचेगी सेवा टीम

इस वर्ष समिति की ओर से एक विशेष पहल भी की गई है. ऐसे बुजुर्ग, असहाय या कमजोर श्रद्धालु जो पांच-दस किलोमीटर दूर से चलकर सेवा शिविर तक पहुंचने में सक्षम नहीं हैं, वे फोन के माध्यम से समिति से संपर्क कर सकेंगे.

सूचना मिलने पर समिति की सेवा टीम उनके पास पंडाल और आवश्यक सुविधाएं लेकर पहुंचेगी.

हर कांवरिये को सेवा और अपनत्व का अनुभव कराना उद्देश्य

समिति के संस्थापक सदस्य लखन प्रसाद गुप्ता ने बताया कि पिछले पांच वर्षों से समिति के सदस्य सावन में कांवरियों की सेवा कर रहे हैं. इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए सेवा का विस्तार किया गया है.

उन्होंने कहा कि नीलकंठ महादेव सेवा समिति का आयोजन सभी शिव भक्तों के सहयोग से संचालित होता है. समिति का उद्देश्य बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए जाने वाले हर कांवरिये को रास्ते में सेवा, सहयोग और अपनत्व का अनुभव कराना है. इसके लिए समिति के सदस्य दिन-रात सेवा कार्य में जुटे हुए हैं.

Also Read:पटना यूनिवर्सिटी के शिक्षक और कर्मचारी निकले लोक भवन मार्च के लिए, जानिए क्यों कर रहे नये विधेयक का विरोध


विज्ञापन
Manish Raj Singham

लेखक के बारे में

By Manish Raj Singham

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन