पहाड़ में पत्थर उत्खनन का विरोध कर रहे गांववाले

Published at :04 Oct 2016 7:10 AM (IST)
विज्ञापन
पहाड़ में पत्थर उत्खनन का विरोध कर रहे गांववाले

िबहार सरकार को िरपोर्ट सौंपेंगे प्रमंडलीय आयुक्त रफीगंज : सर्वधर्म समागम स्थली पचार पहाड़ अपना अस्तित्व को बचाने के लिए लड़ाई लड़ रही है. लड़ाई में पहाड़ के खनन के लिए बंदोबस्ती से लेकर बंदोबस्तधारी खनन करने को बेताब हैं, तो दूसरी ओर धार्मिक भावनाओं से प्रेरित जैन धर्म, सनातन धर्म, इस्लाम धर्म के अनुयायी […]

विज्ञापन

िबहार सरकार को िरपोर्ट सौंपेंगे प्रमंडलीय आयुक्त

रफीगंज : सर्वधर्म समागम स्थली पचार पहाड़ अपना अस्तित्व को बचाने के लिए लड़ाई लड़ रही है. लड़ाई में पहाड़ के खनन के लिए बंदोबस्ती से लेकर बंदोबस्तधारी खनन करने को बेताब हैं, तो दूसरी ओर धार्मिक भावनाओं से प्रेरित जैन धर्म, सनातन धर्म, इस्लाम धर्म के अनुयायी पहाड़ के अस्तित्व बचाने को संकल्पित हैं. लड़ाई में पूर्व में राजस्व कर्मचारी स्तर से लेकर डीएम स्तर तक जांच हो चुकी है. मामला प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय तक पहुंचा है.

इस बीच पहाड़ को धरोहर घोषित करने के लिए पुरातत्व विभाग, भारतीय कला व संस्कृति विभाग, भारतीय विरासत समिति भी अपने स्तर से जांच कर रही है. मामले की जांच हेतु सोमवार को प्रमंडलीय आयुक्त मगध प्रमंडल गया लियांग कुंगा, पचार पहाड़ पर पहुंचे. जांच में जिला पदाधिकारी कंवल तनुज, एसपी सत्यप्रकाश, एसडीओ सुरेंद्र प्रसाद, एसडीपीओ पीएन साहू, अंचलाधिकारी राघवेंद्र दयाल, इंस्पेक्टर राजकुमार सिंह, थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा, संजय कुमार भी पहुंचे. ग्रामीणों की मानें तो पूर्व में पहाड़ में खनन के लिए छह पट्टों की बंदोबस्ती हुई थी, जिसमें चार बंदोबस्तधारी खनन कार्य छोड़ कर चले गये थे. दो बंदोबस्तधारी खनन का कार्य करते रहे. इसके कारण कई बार ग्रामीणों के साथ मारपीट की घटना भी हुई तथा कई प्राथमिकी भी हुई है. पदाधिकारियों के पहुंचने पर ग्रामीणों द्वारा पहाड़ में खनन होने से स्थानीय स्तर पर कई नुकसान गिनाये. ग्रामीण सियाराम सिंह द्वारा दिये गये आवेदन के आलोक में पूर्ण कागजात पदाधिकारियों को दिखाया गया. वहीं जैन समाज के मंत्री अनिल जैन ने धार्मिक स्थल को दिखते हुए सुरक्षा व अस्तित्व बचाने की मांग की. सरावक एवं पचार के ग्रामीण संतोष सिंह, अजय सिंह, मो शाकिम, जंग बहादुर, ने कहा कि पहाड़ जब तोड़ा जाता है, तो कंपन होता है.

वही, पत्थर उड़ कर दूर तक गिरता है, जिससे घरों को क्षति होती है. अभिकर्ता कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि कंट्रोल ब्लास्टिंग के माध्यम से पत्थर तोड़ा जायेगा. धर्मस्थली की भी सुरक्षा की जायेगी. आयुक्त ने कहा कि इस स्थल की जांच वे तीसरी बार कर रहे हैं. धर्मस्थली को पूर्ण सुरक्षा की जायेगी. वही, पहाड़ के बगल में पईन की मापी करायी जा रही है, जिसकी रिपोर्ट जिला पदाधिकारी द्वारा दी जायेगी. इधर, आपत्तिकर्ता सियाराम सिंह से लिखित आवेदन मांगा गया है. इनका आवेदन मिलते ही बिहार सरकार को जांच की रिपोर्ट सौंपी जायेगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन