बच्चों ने उठाया रोड बनाने का बीड़ा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :30 Jul 2016 6:07 AM (IST)
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तकलीफ. गुहार लगा कर थक चुके ग्रामीणों ने कहा, नहीं बनेगी सड़क हाल कुटुंबा प्रखंड के ढूंढ़ा गांव का औरंगाबाद ग्रामीण : जिनकी उम्र पढ़ने-लिखने की है, जिन्हें पढ़ लिख कर अपना व अपने परिवार का भविष्य तय करना है, वह अगर अभी से ही हाथ में कुदाल व कड़ाही लेकर अपने गांव की तकदीर […]
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तकलीफ. गुहार लगा कर थक चुके ग्रामीणों ने कहा, नहीं बनेगी सड़क
हाल कुटुंबा प्रखंड के ढूंढ़ा गांव का
औरंगाबाद ग्रामीण : जिनकी उम्र पढ़ने-लिखने की है, जिन्हें पढ़ लिख कर अपना व अपने परिवार का भविष्य तय करना है, वह अगर अभी से ही हाथ में कुदाल व कड़ाही लेकर अपने गांव की तकदीर बदलने का बीड़ा उठा ले, तो इसमें कहीं न कहीं उपेक्षा की गंध जरूर आती है. यह हाल कुटुंबा प्रखंड के ढूंढ़ा गांव का है, जहां के ग्रामीणों की फरियाद को जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक पदाधिकारियों ने अनसुना कर दिया है.
ढूंढ़ा गांव जानेवाली सड़क की स्थिति इस कदर खराब है कि लोगों को पैदल चलने में भी कठिनाई महसूस करते हैं. हर बार चुनाव के दौरान सड़क निर्माण की मांग ग्रामीण उठाते हैं. उन्हें आश्वासन भी दिया जाता है, लेकिन चुनाव समाप्ति के बाद स्थिति में कोई बदलाव नहीं आता है. गांव के बच्चों ने अपनी गांव की सड़क को खुद ही बनाने का निर्णय लेते हुए निर्माण कार्य शुरू कर दिया है. हाथ में झाम, कुदाल व कड़ाही लेकर सड़क पर मिट्टी डालने में जुट गये हैं.
सड़क पर मिट्टी का भराव कर रहे पंकज कुमार, गुड्डू कुमार, पप्पू कुमार,सुमित कुमार, दीपक, छोटू, संटू व साकेत ने बताया कि स्थानीय विधायक से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों तक ग्रामीण आवेदन देते-देते थक गये हैं, पर किसी ने सड़क पर ध्यान नहीं दिया. नदी में पानी का बहाव होने के कारण मिट्टी का कटावा होते रहता है.
इसके कारण ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों को परेशानी होती है. घर वालों ने कह दिया कि अब सड़क का निर्माण नहीं होगा. ऐसे में हम सभी बच्चे खुद ही सड़क निर्माण करने में लग गये. जब सड़क होगा, तो हम स्कूल जायेंगे. पूर्व पंचायत समिति सदस्य गुड्डू पांडेय ने बताया कि ढूंढ़ा शिव मंदिर से उत्तरी कोयल नहर तक निर्माण कार्य में बच्चे लगे हुए हैं. अब देखना यह है कि इस पर किसी का ध्यान जाता है या नहीं.
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