स्कूली वाहनों की जांच के साथ होगा रूट का निर्धारण भी

Published at :24 Jun 2016 7:59 AM (IST)
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स्कूली वाहनों की जांच के साथ होगा रूट का निर्धारण भी

स्कूलों की गरमी की छुट्टी खत्म हो गयी है. धीरे-धीरे सारे स्कूल खुल चुके हैं. स्कूल खुलने के साथ ही शहर की सड़कों पर एक बार फिर जाम का सिलसिला शुरू हो गया है. इससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. आये दिन जाम में फंसे बच्चे हो रहे हलकान […]

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स्कूलों की गरमी की छुट्टी खत्म हो गयी है. धीरे-धीरे सारे स्कूल खुल चुके हैं. स्कूल खुलने के साथ ही शहर की सड़कों पर एक बार फिर जाम का सिलसिला शुरू हो गया है. इससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
आये दिन जाम में फंसे बच्चे हो रहे हलकान पढ़ाई पर भी असर
औरंगाबाद सदर : शहर की सड़कों पर चलने वाले विभिन्न वाहन एक माह तक फर्राटे के साथ चले. न कोई ट्रैफिक की समस्या और न ज्यादा ब्रेक लगाने का झंझट. लेकिन, निजी स्कूल जैसे ही गरमी छुटी के बाद खुले, वैसे ही एक बार फिर से गाड़ियों की गति पर ब्रेक लगने लगा व जाम की समस्या शुरू हो गयी है.
सुबह से लेकर दोपहर तक जाम को इस परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्कूल की बड़ी-बड़ी बसें छुट्टी के बाद जैसे ही सड़कों पर आ रही हैं, वैसे ही लोग जाम से घिर जा रहे हैं. इस संबंध में मोटर वाहन निरीक्षण पदाधिकारी (एमवीआइ) ने बताया कि वाहनों की सघन जांच चल रही है. स्कूली बसों के कारण जो जाम लगता है, उसके लिए स्कूल प्रबंधन से वार्ता की जायेगी व रूट निर्धारित किया जायेगा.
साथ ही सड़क पर वाहन लगाने वालों पर जुर्माना किया जायेगा. उधर, अभिभावकों का कहना है कि सुबह बच्चे जब स्कूल जाते हैं, तो काफी खुश रहते हैं, लेकिन छुट्टी के बाद घंटों जाम में फंसे होने के कारण काफी थके नजर आते हैं. इससे उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है. गौरतलब है कि शहर में जाम लगने का एक और महत्वपूर्ण कारण सड़कों पर जहां-तहां ऑटो का लगा होना भी है. इस किसी प्रशासनिक अधिकारी का ध्यान नहीं जा रहा है.
सड़कों पर लगे वाहन भी बनते हैं जाम के कारण
कई समाजसेवी व राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने इस मसले पर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है कि औरंगाबाद शहर की सड़कें काफी संकीर्ण है. धर्मशाला से रमेश चौक तक शहर का मुख्य बाजार है और इसी रास्ते पर सारे गाड़ियों का परिचालन होता है. इसके कारण जाम की समस्या उत्पन्न होती है. अभाविप के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राहुल सिंह कहते हैं कि जिला प्रशासन को पहले भी इस समस्या पर ध्यान आकृष्ट कराया है, लेकिन उन्हें स्कूली बच्चों की फिक्र नहीं. गाड़ियों का रूट निर्धारण नहीं होने के कारण शहर में जाम की समस्या उत्पन्न होती है.
एनएसयूआइ के प्रभारी जिलाध्यक्ष विवेक सिंह बताते हैं कि यहां निजी स्कूल के वाहन ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करते. शहर के कचहरी रोड, जीटी रोड, रमेश चौक, महावीर मंदिर रोड, धरनीधर रोड व धर्मशाला रोड आदि स्कूल में छुट्टी के बाद काफी व्यस्त हो जाते हैं. जिला प्रशासन को चाहिए की भारी संख्या में चल रहे ऑटो के साथ स्कूल के वाहनों का भी रूट निर्धारित की जाये. तभी जाम की समस्या से मुक्ति मिल सकेगी.
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