‘जल ही जीवन है’ लोग जानते हैं, पर सजग नहीं

औरंगाबाद (कोर्ट): सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज के छात्र-छात्राओं में प्रदूषित हो रहे पर्यावरण व बढ़ते जल संकट के प्रति काफी सजगता दिखी. छात्रों ने जहां पर्यावरण व जल संरक्षण के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता जतायी, वहीं इसके लिए ईमानदार प्रयास करने की नसीहत भी दी. मौका था भूगोल विभाग द्वारा ‘पर्यावरण व जल संकट’ विषय […]
मौका था भूगोल विभाग द्वारा ‘पर्यावरण व जल संकट’ विषय पर आयोजित सेमिनार का. विभागाध्यक्ष प्रो रामाधार सिंह की देखरेख में आयोजित सेमिनार में मुजफ्फरपुर के एमडीडीएम कॉलेज के स्नातकोत्तर भूगोल विभाग के अध्यक्ष प्रो डॉ गुप्तेश्वर शर्मा बतौर मुख्य वक्ता व विशिष्ट अतिथि के रूप में मगध विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भूगोल विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो डॉ बद्री प्रसाद सिंह ने भाग लिया. अध्यक्षता सिन्हा कॉलेज के प्राचार्य डॉ ओमप्रकाश सिंह ने की. सेमिनार में विभिन्न अतिथियों के अलावे छात्र-छात्रओं ने भी अपने विचार प्रकट किये. छात्रों ने कहा कि जल ही जीवन है, सभी जानते हैं, पर लोग न जागरूक हैं और न ही सजग हैं. घर में सुख सुविधाएं बढ़ाने के लिए आतुर रहते हैं, लेकिन जिसके (पर्यावरण) संरक्षण से मानव का अस्तित्व टिका है, उसके प्रति सचेत नहीं. पर्यावरण संतुलित होगा तो समय पर बारिश होगी और जल संकट भी नहीं होंगे. आज यह वैश्विक समस्या उभर कर सामने आयी है. इस पर गहन चिंतन करने की जरूरत है. साथ ही इसके उपाय भी ढ़ूढने होंगे. तभी मानव जीवन सुरक्षित रह सकेगा, अन्यथा पृथ्वी नष्ट हो जायेगा. संबोधन के क्रम में छात्र-छात्रओं ने सेमिनार आयोजन कराने के लिए विभागाध्यक्ष प्रो रामाधार सिंह के प्रति आभार जताया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










