खाते में राशि गयी नहीं शिक्षिका पर दर्ज करा दी गयी प्राथमिकी

Updated at : 09 Mar 2018 4:56 AM (IST)
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खाते में राशि गयी नहीं शिक्षिका पर दर्ज करा दी गयी प्राथमिकी

छह साल से न्याय के लिए भटक रही शिक्षिका 27 मई 2011 को दर्ज हुई थी रुपये गबन के मामले में प्राथमिकी अब न्याय मिलने की जगी उम्मीद औरंगाबाद कार्यालय : शिक्षा विभाग की लापरवाही ने एक शिक्षिका को मानसिक तौर पर परेशान कर दिया है. छह सालों से अपनी बेगुनाही का सबूत दिखाते और […]

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छह साल से न्याय के लिए भटक रही शिक्षिका

27 मई 2011 को दर्ज हुई थी रुपये गबन के मामले में प्राथमिकी
अब न्याय मिलने की जगी उम्मीद
औरंगाबाद कार्यालय : शिक्षा विभाग की लापरवाही ने एक शिक्षिका को मानसिक तौर पर परेशान कर दिया है. छह सालों से अपनी बेगुनाही का सबूत दिखाते और न्याय के लिए दौड़ लगाती शिक्षिका थक गयी है. अब उम्मीद जगी है कि उसे न्याय मिलेगा. सबसे बड़ी बात यह है कि लापरवाही हुई तो कैसे हुई व किसने किया. विभाग ने गलती मानते हुए शिक्षिका काे जांच का भरोसा दिया है.
मामला यह है कि नवीनगर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय सोनवर्षा की शिक्षिका को वर्ष 2011 से शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापिका मान लिया व एक लाख 22 हजार रुपये विद्यालय की चहारदीवारी निर्माण व खेलकूद के लिए आवंटित कर दिया और फिर बाद में शिक्षिका पर आवंटित रुपये का गबन करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करा दी गयी. प्राथमिकी, तत्कालीन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विजय कुमार झा द्वारा नवीनगर थाना में 27 मई 2011 को दर्ज करायी गयी थी,
जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि जिला शिक्षा अधीक्षक के पत्रांक 921, दिनांक 13 मई 2011, बिहार शिक्षा परियोजना औरंगाबाद के पत्रांक 337 सर्व शिक्षा अभियान दिनांक 18 मई 2011 द्वारा सूची में अंकित विद्यालय के प्रधान शिक्षक को एसी/ डीसी मद से संबंधित राशि नहीं लौटाने के कारण प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश हुआ है. यानी राशि गबन करने के साथ-साथ विभागीय आदेश की अवहेलना और अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया गया.शिक्षिका अपनी बेगुनाही का सबूत जुटाने और विभाग के पदाधिकारियों से लगातार गुहार लगाती फिरती रही. इस बीच 23 फरवरी 2018 को सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नवीनगर को एक पत्र लिख पूरे मामले से पर्दा उठा दिया. डीपीओ ने अपने पत्र में कहा कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय सोनवर्षा 01 के वित्तीय वर्ष 2006-07 का प्रधानाध्यापिका के खाते में चहारदीवारी एवं खेलकूद के लिए एक लाख 22 हजार नहीं जमा किये गये हैं. जिसकी पुष्टि लेखा शाखा द्वारा भी की गयी है.
डीएम ने कहा, गंभीरता से होगी जांच
शिक्षिका सीमा कुमारी गुरुवार को जिलाधिकारी राहुल रंजन महिवाल और एसपी डाॅ सत्यप्रकाश के जनता दरबार में पूरे सबूत के साथ पहुंची और खुद के लिए न्याय और जिसने परेशान किया उस पर कार्रवाई की गुहार लगायी. शिक्षिका ने पदाधिकारियों से कहा कि वह 2006-07 में तब के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय सोनवर्षा में पदस्थापित हुई थी और किस तरह एक शिक्षिका को साजिश के तहत प्रधान शिक्षिका बनाते हुए उस पर गबन का मामला दर्ज करा दिया गया.
डीएम ने शिक्षिका के गुहार पर कहा कि मामले की गंभीरता से जांच होगी और कार्रवाई भी होगी. इधर एसपी डाॅ सत्यप्रकाश ने भी जांच की बात कही है. जिला शिक्षा पदाधिकारी रामप्रवेश सिंह ने कहा कि मामला गंभीर है. पूरी तहकीकात के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.
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