विभागीये कर्मचारियों में ही ''ऊर्जा'' का अभाव

Updated at : 05 Jan 2018 5:54 AM (IST)
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विभागीये कर्मचारियों में ही ''ऊर्जा'' का अभाव

समय पर कार्यालय नहीं आते हैं बिजली विभाग के कर्मचारी ठंड में उपभाेक्ता हो रहे हैं परेशान औरंगाबाद शहर : सरकारी दफ्तरों में काम करने के तरीके को देख कर ही अधिकांश लोग चाहते हैं कि वे भी सरकारी सेवा में जायें, ताकि वे अपने मनमनर्जी के अनुसार कार्यालय जाएं और कार्य करें. अगर सरकारी […]

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समय पर कार्यालय नहीं आते हैं बिजली विभाग के कर्मचारी

ठंड में उपभाेक्ता हो रहे हैं परेशान
औरंगाबाद शहर : सरकारी दफ्तरों में काम करने के तरीके को देख कर ही अधिकांश लोग चाहते हैं कि वे भी सरकारी सेवा में जायें, ताकि वे अपने मनमनर्जी के अनुसार कार्यालय जाएं और कार्य करें. अगर सरकारी कार्यालयों के कर्मियों व बाबुओं की मौज देखना है तो बिजली कार्यालय चले आइए, यहां आपको दिख जायेगा कि सरकारी सेवा में कार्य करने का कितना आराम है. हर कर्मी अपने आप में रहता है. किसी को जब मन किया तब आता है. भले ही उपभोक्ता कड़ाके की ठंड में कार्यालय पहुंच कर कर्मियों को खोजते रहेें.
गुरुवार की सुबह जब उपभोक्ताओं की शिकायत पर प्रभात खबर ने पड़ताल की तब स्थिति उपभोक्ताओं के शिकायत के पक्ष में नजर आयी. सुबह 10.50 बजे तक कार्यालय का हाल यह था कि दो कर्मचारी जयप्रकाश कुमार व मुकेश कुमार कार्य कर रहे थे. मुकेश शहरी क्षेत्र का बिजली बिल व जयप्रकाश ग्रामीण क्षेत्र का बिजली बिल जमा ले रहे थे. इसके अलावा सभी कर्मी अपने स्थान से गायब थे.
कार्यालय का हाल यह था कि 12 बजे तक एसडीओ रितेश कुमार ओझा अपने कार्यालय नहीं पहुंचे थे. उनका कार्यालय 11.12 बजे तक नहीं खुला था. 11.16 बजे बड़ा बाबू वीरेंद्र कुमार मदनपुर के जेई के साथ पहुंचे और ताला खोला. इसी क्रम में एसडीओ रितेश कुमार ओझा से फोन पर संपर्क करने पर उन्होंने बाहर होने के बारे में बताया. एक्सक्युटिव मृत्युंजय कुमार तैनात थे. जब उनसे सवा ग्यारह तक एसडीओ कार्यालय का ताला नहीं खुलने व अन्य काउंटरों से कर्मियों के गायब रहने के बारे में पूछा गया तो पहले तो उन्होंने कर्मचारियों की कमी होने की बातें बतायीं. उसके बाद वे खुद एसडीओ कार्यालय के बड़ा बाबू वीरेंद्र कुमार के पास पहुंचे एवं कार्यालय सवा 11 बजे तक बंद होने का कारण पूछा तो उन्होंने चेक बैंक में देने के बारे में बताया. इस पर उन्होंने कहा कि यह कार्य आपका नहीं था. इसके बाद उन्होंने डिवीजन के प्रधान लिपिक शंकर कुमार सिंह को बुलाया और बड़ा बाबू से लेट से आने का कारण पूछने का पत्र देने का निर्देश दिया. इसके बाद एक्सक्युटिव काउंटरों पर पहुंचे. कई उपभोक्ता बिल सुधार एवं बिल नहीं आने की समस्या को लेकर पहुंचे थे, लेकिन काउंटर से कर्मी गायब था. जब कर्मी अखिल कुमार को फोन किया गया तो वह 11.45 बजे में पहुंचे. इसके अलावा ग्रामीण कनेक्शन देने वाले काउंटर पर कर्मी फकरूद्दीन एवं शहरी क्षेत्र के नये कनेक्शन देने वाले काउंटर पर अखिलेश कुमार भी काफी लेट से पहुंचे थे. पूछे जाने पर उसने बताया कि वह मोटरसाइकिल का किस्त जमा करने चला गया था. इस पर उन्होंने फटकार लगायी. वहां कुछ उपभोक्ताओं ने बिल समय पर नहीं आने की शिकायत की. इस पर उन्होंने कमलेश कुमार को बुलाकर कहा कि इसका ध्यान रखा जाये कि उपभोक्ताओं के घर बिल समय पर पहुंच सके. उपभोक्ता रोहित कुमार, सीताराम सिंह ने बताया कि बिजली विभाग का हाल खराब है. काउंटर पर बैठने वाले कर्मी समय पर नहीं आते हैं. उपभोक्ताओं को भटकना पड़ता है. प्रभात खबर के इस पड़ताल से अंदाज लगाया जा सकता है कि उर्जा विभाग में कार्यरत कर्मियों में ही उर्जा का अभाव दिखता है.
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