पहले पति, अब बेटे का भी छूटा साथ
Updated at : 23 Aug 2017 10:58 AM (IST)
विज्ञापन

हादसे में डीएवी के छात्र की मौत से मर्माहत हैं ननिहाल के लोग एयरफोर्स में कार्यरत पिता की पहले ही हो चुकी है मौत औरंगाबाद कार्यालय : औरंगाबाद शहर के महाराजगंज रोड में स्कूल बस से कुचल कर डीएवी के छात्र शिवम कुमार की मौत से पूरा शहर सन्न रह गया. जिस किसी ने सुना […]
विज्ञापन
हादसे में डीएवी के छात्र की मौत से मर्माहत हैं ननिहाल के लोग
एयरफोर्स में कार्यरत पिता की पहले ही हो चुकी है मौत
औरंगाबाद कार्यालय : औरंगाबाद शहर के महाराजगंज रोड में स्कूल बस से कुचल कर डीएवी के छात्र शिवम कुमार की मौत से पूरा शहर सन्न रह गया. जिस किसी ने सुना उसके चेहरे पर शिकन का भाव उमड़ पड़ा. किस्मत और रौनक उस महिला के चेहरे से उड गयी, जिसने कुछ वर्ष पहले अपने पति को खोया था और फिर इकलौते पुत्र को. पति के खोने का दर्द जवान होते बेटे को देख कर भूल गयी थी, लेकिन जब बेटा जवानी के दहलीज पर पहुंचने के पहले ही साथ छोड दिया, तो इस दुख भरी दास्तां को पाटना शायद अब पूरी उम्र की बात भी नहीं होगी.
पता चला कि शिवम के पिता शंकर दयाल सिंह एयरफोर्स में नौकरी करते थे.
10 साल पहले उनकी मौत हो गयी थी. शंकर दयाल की पत्नी रीमा अपने मासूम बच्चे शिवम को लेकर अपने मायके में मां-बाप व भाई के साथ रह कर उसकी परवरिश कर रही थी. सबकुछ ठीक-ठाक चल रहा था. शिवम चौथी कक्षा में पढ़ाई कर रहा था. मां की एकमात्र उम्मीद बस अपने बेटे से थी, लेकिन कहते है कि जब किस्मत का साथ छूटता है, तो दर्द को पाटना मुश्किल हो जाता है. हुआ भी वहीं शिवम अपने मामा छोटु सिंह के साथ स्कूल जाने के लिए बाइक पर बैठ गया और साथ में अपने कक्षा का मित्र व पड़ोसी धनंजय सिंह के पुत्र हर्ष को भी बैठा लिया. जैसे ही बाइक महाराजगंज रोड में दुर्गा गैरेज के पास पहुंची, वैसे ही एक स्कूल बस की चपेट में बाइक आ गयी. शिवम की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी. मामा के सामने भांजा तड़प-तड़प कर मौत की आगोश में समा गया.
चीत्कार से दहला अस्पताल और मुहल्ला : शिवम की मौत की खबर जैसे ही नाना-नानी और मोहल्ले के अन्य लोगों को मिली वैसे ही सभी दौड़ते हुए अस्पताल पहुंच गये. नाती को देखते ही नाना-नानी बदहवास हो गये. सबसे बड़ी बात यह रही कि कई घंटो तक इसकी खबर मां तक नहीं पहुंची, जब खबर पहुंची, तो ऐसा लगा जैसे चक्रवाती तूफान आ गया हो और सबकुछ तहस-नहस करने पर आमादा हो. बेटे की शव को देखते ही मां बेहोश हो गयी.
शहर में स्कूली बसों की रफ्तार पर लगे रोक : हर सुबह बच्चों को उनके घर से या बस स्टॉप से उठाने की जल्दी विद्यालय प्रबंधन के साथ-साथ बस चालकों को होती है. यही कारण है कि शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में स्कूली बसों की रफ्तार हद से ज्यादा होती है. पूर्व में कई घटनाएं रफ्तार के कारण ही घटी है. अवकाश प्राप्त शिक्षक जगन्नाथ सिंह, रामनंदन सिंह, समाजसेवी आलोक सिंह, पूर्व पार्षद अरुण सिंह ने कहा कि स्कूली बसों के रफ्तार पर रोक लगाने की आवश्यकता है. जिला प्रशासन इस पर जल्द पहल करे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




