गांवों से शहर तक चोटीकटवा का आतंक

Updated at : 23 Aug 2017 10:57 AM (IST)
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गांवों से शहर तक चोटीकटवा का आतंक

चार नये मामलों से दहशत का माहौल घर का दरवाजा तोड़ कर एक महिला को बेहोशी की हालत में निकाला रंगाबाद कार्यालय : औरंगाबाद जिले में कथित चोटीकटवा के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. आये दिन दो से चार मामले सामने आ रहे हैं. अब स्थिति यह हो गयी है कि चोटीकटवा […]

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चार नये मामलों से दहशत का माहौल
घर का दरवाजा तोड़ कर एक महिला को बेहोशी की हालत में निकाला
रंगाबाद कार्यालय : औरंगाबाद जिले में कथित चोटीकटवा के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. आये दिन दो से चार मामले सामने आ रहे हैं. अब स्थिति यह हो गयी है कि चोटीकटवा के नाम पर शहर से लेकर गांव तक दहशत बनी हुई है.
सोमवार की रात तीन नये मामले और मंगलवार की दोपहर एक मामला चोटीकटवा से संबंधित प्रकाश में आया. फेसर थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव निवासी अनिल पासवान की पत्नी मालती देवी का चोटी सोये अवस्था में ही कट गयी. चोटी कटने का अहसास होते ही वह बेहोश हो गयी. परिजन बेहोशी की हालत में उसे सदर अस्पताल लेकर पहुंचे. कुछ ही देर बाद ओबरा थाना क्षेत्र के घटारो गांव के लुटन पासवान भी अपनी पत्नी ममता देवी को चोटी कटने के बाद बेहोशी की हालत में लेकर सदर अस्पताल पहुंचा.
इन दोनों का इलाज चल ही रहा था कि भजन बिगहा गांव की शांति देवी भी चोटीकटवा का शिकार होकर अस्पताल पहुंच गयी. पूरी रात अस्पताल में मामला कौतूहल का विषय बना रहा. सुन कर देखनेवाले भी पहुंचते रहे. शांति देवी को रात में ही डॉक्टरो ने मगध मेडिकल कॉलेज गया रेफर कर दिया, जबकि मालती और ममता का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है. दोनों महिलाओं को लगभग चार घंटे बाद होश आयी.
मंगलवार की दोपहर औरंगाबाद शहर के पोखरा मुहल्ला में मिथलेश शर्मा की पत्नी की चोटी कटने के बाद अफरातफरी मच गयी. हुआ यह कि मिथलेश की पत्नी घर में आराम कर रही थी. इसी बीच उसका चोटी कट गयी और वह बेहोश हो गयी. पड़ोसियों ने घर के भीतर से दरवाजा काफी देर तक बंद पाया, तो उसके पति को सूचना दी गयी. दोपहर में मिथलेश घर पहुंचा और फिर दरवाजा तोड़ कर पत्नी को बेहोशी की हालत में निकाल कर सदर अस्पताल पहुंचाया. इधर, अस्पताल में बेड की कमी होने के बाद हंगामे का दौर चला.
आखिर कब उठेगा सच से परदा : कथित चोटीकटवा का मामला अब जिले में उफान पर है. इसका गवाह शहर के अधिकांश मुहल्लों के घरों के दरवाजे पर टंगे नीम के पत्ते बन रहे हैं. चोटीकटवा का एक डर युवतियों व महिलाओं को परेशान कर रखा है. हालत यह है कि महिलाएं अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही है. चोटीकटवा का मामला अधिकारियों से लेकर डॉक्टरों के बीच कौतुहल का विषय बना हुआ है. उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि वे क्या करें. दूसरी बात यह है कि इस मामले की जांच भी नहीं करायी जा रही है.
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