औरंगाबाद में तिरंगे के साथ निकला मुहर्रम जुलूस, गूंजे हिंदू-मुस्लिम एकता के नारे

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Aurangabad Muharram News: औरंगाबाद में मुहर्रम की दसवीं पर तिरंगे के साथ निकले जुलूस में हिंदू-मुस्लिम एकता और देशभक्ति के नारे गूंजे. हजारों लोगों ने राष्ट्रीय एकता और भाईचारे का संदेश दिया.

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Aurangabad Muharram News:(सुजीत कुमार सिंह) मुहर्रम की दसवीं पर औरंगाबाद शहर में गंगा-जमुनी तहजीब और राष्ट्रीय एकता की अनूठी मिसाल देखने को मिली. विभिन्न मोहल्लों से निकले ताजिया जुलूस में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पारंपरिक अलम और “या हुसैन” के झंडों के साथ हाथों में तिरंगा लेकर हिस्सा लिया. जुलूस के दौरान “सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तां हमारा”, “हम बुलबुले हैं इसकी, ये गुलिस्तां हमारा”, “हिंदुस्तान जिंदाबाद” और “हिंदू-मुस्लिम एकता जिंदाबाद” के नारों से पूरा शहर गूंज उठा.

तख्तियों के जरिए दिया राष्ट्रीय एकता और भाईचारे का संदेश

जुलूस में शामिल लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया. बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने सिर पर टोपी तथा हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति का प्रदर्शन किया. शहर के कई स्थानों पर लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और सांप्रदायिक सौहार्द की इस मिसाल की सराहना की.

इमाम हुसैन का पैगाम अमन, इंसाफ और सच्चाई का संदेश देता है

पैगाम-ए-इंसानियत के जिलाध्यक्ष एवं समाजसेवी मो. शाहनवाज रहमान उर्फ सल्लू खान ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन का पूरा जीवन अमन, इंसाफ और सच्चाई का संदेश देता है. उन्होंने कहा कि कर्बला का पैगाम अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने, सत्य के मार्ग पर डटे रहने तथा समाज में शांति और भाईचारा कायम रखने की प्रेरणा देता है. उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन ने सिखाया कि जुल्म के सामने कभी झुकना नहीं चाहिए, चाहे इसके लिए कितना भी बड़ा बलिदान क्यों न देना पड़े.

हजारों लोगों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ जुलूस

जुलूस में पठान टोली के उस्ताद शाहनवाज उर्फ टीका खान, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रईस आजम खान, वार्ड पार्षद सिकंदर हयात, सैयद असलम उर्फ चुना, औरंगजेब खान, अजीम खान, अब्दुल्ला राजा, मो. नईम नियाजी, मो. गुलफाम, इनाम मुस्तफा खान, आरिफ उर्फ टीका खान, मो. इमरान खान सहित हजारों लोग शामिल हुए.

पूरे आयोजन के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही. अधिकारियों की निगरानी में जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ. औरंगाबाद ने एक बार फिर आपसी सौहार्द, राष्ट्रीय एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की.

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विवेक पाण्डेय

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By विवेक पाण्डेय

विवेक रंजन पाण्डेय पिछले 8 वर्षों से मुख्यधारा की पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें बिहार की राजनीति, प्रशासन, अपराध, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकार और स्थानीय-क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है. खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए वे तथ्यों की पुष्टि और विभिन्न स्रोतों से जानकारी का सत्यापन करने को प्राथमिकता देते हैं.

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पत्रकारिता के क्षेत्र में विवेक रंजन पाण्डेय का आठ वर्षों का अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीवी और डिजिटल मीडिया से की तथा विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए रिपोर्टिंग, डिजिटल कंटेंट लेखन, लाइव कवरेज, हेडलाइन लेखन, ब्रेकिंग न्यूज, फैक्ट चेकिंग में विशेषज्ञता हासिल की. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिहार से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों का लेखन और विश्लेषण कर रहे हैं.

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विवेक रंजन पाण्डेय ने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी, पटना से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, मीडिया एथिक्स, डिजिटल जर्नलिज्म और जनसंचार के विभिन्न आयामों का अध्ययन किया.

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