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किचेन तक पहुंची महंगाई की आग, बिगड़ा बजट

Updated at : 07 Jan 2020 1:51 AM (IST)
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किचेन तक पहुंची महंगाई की आग, बिगड़ा बजट

गोपालगंज : नये साल में एकाएक रोजमर्रे के सामान की कीमत बढ़ते ही घरों में किचकिच शुरू हो गयी है. रसोई गैस से लेकर खान-पान के सामान की कीमत में अचानक उछाल आ गयी है. इससे घर का बजट बिगड़ गया है. अभी प्याज का मूल्य घटा भी नहीं था कि तेल, दाल व आटे […]

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गोपालगंज : नये साल में एकाएक रोजमर्रे के सामान की कीमत बढ़ते ही घरों में किचकिच शुरू हो गयी है. रसोई गैस से लेकर खान-पान के सामान की कीमत में अचानक उछाल आ गयी है. इससे घर का बजट बिगड़ गया है.

अभी प्याज का मूल्य घटा भी नहीं था कि तेल, दाल व आटे की मूल्यवृद्धि ने बखेड़ा खड़ा कर दिया है. गांधी मैदान के रहनेवाले राजीव कुमार को उनकी पत्नी ने दो लीटर सरसों की तेल लाने को कहा था. शाम को जब घर पहुंचे तो झोले में एक लीटर ही तेल था. यह देख पत्नी भड़क उठी. जब राजीव ने समझाया कि 220 रुपये लेकर तेल लेने गया था. दुकान पर पता चला कि 120 रुपये लीटर तेल का दाम हो गया है.
रेट सुनकर महंगाई को कोसने लगी. दरअसल में नववर्ष में मिडिल क्लास के लोगों को एक और झटका लगा है. महंगाई की आग किचेन तक पहुंच चुकी है. सरसों तेल और रिफाइंड की कीमत ने घरों का बजट बिगाड़ दिया है. अचानक कीमत में आयी उछाल से गृहिणियों में गुस्सा धधक रहा है. एक सप्ताह में 10 से 15 रुपये प्रति लीटर कीमत बढ़ी है. वहीं, 15 लीटर जार में 100 रुपये का इजाफा हुआ है.
महंगाई के कारण जहां घरों में पांच लीटर खपत होती थी, वहां तीन से चार लीटर में काम चलाना पड़ रहा है. कारोबारियों का मानना है कि अभी तेल 20 फीसदी और महंगा हो सकता है. राजाबाजार के पंकज कुमार की मानें, तो इस बार तेल का उत्पादन काफी कम हुआ है. दूसरे देश से तेल मंगवाया जा रहा है. इस वजह से आयात शुल्क बढ़ गया है. तेल की कीमत बढ़ने की बड़ी वजह है.
एक नजर में तेल की कीमत (6 जनवरी)
सरसों तेल प्रति किलो -115 से 120 रुपये
रिफाइंड – 100 से 115
जार रिफाइंड -15 किलो-1540 से 1560
जार, सरसों तेल, 15 किलो 1480 से 1520
तेल की कीमत (30 दिसंबर )
सरसों तेल प्रति किलो -95 से 105 रुपये
रिफाइंड – 90
जार रिफाइंड -15 किलो -1440 से 1480
जार, सरसों तेल, 15 किलो 1430 से 1490
एक पखवारे में बढ़े सूजी व मैदा के दाम
करीब पखवारा भर पहले थोक रेट में आटा 22 से 22.50 रुपये और फुटकर में 25 से 26 रुपये प्रति किग्रा. था. अब थोक भाव एक रुपये प्रति किग्रा. बढ़कर 23 से 23.50 रुपये हो गया, जबकि फुटकर रेट 27 से 28 रुपये हो गयी. मैदा का दाम 24-24.50 से बढ़कर 25-25.50 और सूजी की कीमत 25 से बढ़कर 26 रुपये प्रति किग्रा. हो गयी है. सूजी का फुटकर रेट 28 से बढ़कर 30 रुपये हो गयी. गेहूं की कमी के कारण यह समस्या खड़ी हुई है. गल्ला कारोबारी सुनील साव का कहना है कि बाजार में गेहूं की कमी के कारण आटा, मैदा और सूजी की रेट बढ़ी है.
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