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जिले में बालू का हो रहा अवैध खनन माफिया उड़ा रहे नियमों की धज्जियां

Updated at : 17 Apr 2019 1:33 AM (IST)
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जिले में बालू का हो रहा अवैध खनन माफिया उड़ा रहे नियमों की धज्जियां

अरवल : जिले में बालू का निकासी नियम-कानून को ताक पर रखकर किया जा रहा है. लगभग सभी बालू घाटों पर इन दिनों नियमों की अनदेखी कर अवैध खनन किया जा रहा है. एनजीटी के मानकों से हटकर पनचक्की के जरिये सोन नद से बालू निकाला जा रहा है. पोकलैंड जैसी बड़ी मशीनों को लोडिंग […]

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अरवल : जिले में बालू का निकासी नियम-कानून को ताक पर रखकर किया जा रहा है. लगभग सभी बालू घाटों पर इन दिनों नियमों की अनदेखी कर अवैध खनन किया जा रहा है.

एनजीटी के मानकों से हटकर पनचक्की के जरिये सोन नद से बालू निकाला जा रहा है. पोकलैंड जैसी बड़ी मशीनों को लोडिंग के लिए लगाया है. बालू माफिया के इस करतूत की जानकारी अधिकारियों को है, लेकिन वह कार्रवाई से खुद ही दूर भागते दिखाई दे रहे हैं.
जिले में बालू के अवैध कारोबार को रोकने में प्रशासन अक्षम साबित हो रहा है, फिर सवाल उठता है कि नियमों को ताक पर रखकर बालू घाट चलाने वालों पर कार्रवाई कौन करेगा? कहा जाता है कि बालू के अवैध कारोबार में पैसा व पैरवी का खेल चल रहा है.
सोन नद से बालू की निकासी कलेर से लेकर अरवल थाना क्षेत्र तक हो रही है. विभागीय व न्यायालय के निर्देश के अनुसार सड़क पर बालू लदे वाहनों को ढक कर ले जाना है. ट्रक या ट्रैक्टर पर सूखे बालू को ही ढोना है. इसके बावजूद घाट से ट्रकों व ट्रैक्टरों में पानी से सने बालू लादकर रवाना किया जाता है. सड़क पर बालू लदे वाहनों से पानी टपकता रहा है. पूरी सड़क भींग जाती है, जिससे सड़कें टूट रही हैं.
माफियाओं के लिए सोन का बालू उगल रहा सोना
पिछले कुछ माह पहले खनन विभाग के प्रधान सचिव असंगमा चुबा आओ ने खुद सोन में जाकर हो रहे बालू निकासी का निरीक्षण भी किया था, जिसमें कई तरह के अनियमितता भी पाये गये थे.
उन्होंने खनन विभाग के अधिकारी व जिला पदाधिकारी को कई निर्देश भी दिये थे, बावजूद अवैध तरीके व बगैर नियम कानून के बालू की निकासी किया जा रहा है. इससे अरवल जिले में जाम की समस्या बना हुआ है. साथ ही बालू से सोना बनाने का उद्योग अरवल में पूरे जोर-शोर से चल रहा है.
कहने को तो इस पेशे से जुड़े लोग वैध तरीका से कारोबार चलाने की बात करते हैं, लेकिन जब इसकी पड़ताल बालू घाटों पर किया गया तो देखा गया कि नियम कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ायी जा रही है. वह स्थल भी पुलिस प्रशासन के नाक के नीचे है जिसके बारे में आम से लेकर खास लोगों को जानकारी है, लेकिन इस पर रोक लगे इस पर कोई पहल नहीं हो रहा है.
वहीं प्रशासनिक स्तर पर दावा किया जाता है कि जो गलत करेगा उस पर सख्त कार्रवाई होगा, लेकिन अभी तक कार्रवाई की बात तो दूर इस पर रोक लगे इसकी सख्त हिदायत भी कोई नहीं दे रहा है. नतीजा बालू व्यवसाय से जुड़े लोगों का मनोबल दिनों दिन बढ़ता जा रहा है और वे अपने हिसाब से बालू से सोना बनाने के लिए नियम बनाकर बालू का उत्खनन कर रहे हैं.
नौ टनों से ज्यादा भार का नहीं होना चाहिए परिचालन: ग्रामीण कार्य विभाग के पथ पर नौ टन से ज्यादा के वाहन का परिचालन नहीं होना चाहिए, लेकिन 18 से 20 टन बालू लदा ट्रक गुजरता है. नतीजा है कि आरइओ का कई पथ जर्जर हो गया है, जिसके लिए विभाग के कार्यपालक अभियंता ने डीएम को पत्र लिखकर परिचालन बंद करने का आग्रह किया है.
जब एक लाइन में लगा बालू लदा ट्रक सहार से गुजरता है तो पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाता है. इस दौरान जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाता है, जिससे राष्ट्रीय राज मार्ग 139 पर दुर्घटना भी होती है. पर्यावरणविद की मानें तो पानी के लेयर से नीचे जाकर बालू की निकासी करने से पाने का लेयर नीचे जाता है. इसका असर भी सुदूर इलाकों में दिखने लगा है.
कई गांव जहां कभी पानी का लेयर नीचे नहीं जाता था वहां चापाकल सूखने लगा है. इसका उदाहरण मल्हिपट्टी, मदन सिंह के टोला, दूना छपरा, बिकु बिगहा को लिया जा सकता है. यहां कई चापाकल है. जो पानी देना बंद कर दिया है. इससे लोगों की समस्याएं बढ़ती चल हा रही हैं.
अब सिर्फ दिन में ही होगी बालू की निकासी
पहले रात में बालू निकासी के लिए आदेश दिया गया था, लेकिन अब जो भी बालू निकासी होगा वह सिर्फ दिन में ही होगा. इसके लिए पत्र निर्गत किया गया है. अगर कहीं नियम का उल्लंघन हो रहा है. संबंधित घाट पर पड़ताल किया जायेगा. जो लोग नियम का उल्लंघन करेंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.
गौरांग कृष्ण, जिला खनन पदाधिकारी, अरवल
जाम से निबटने के लिए बनायी गयी है टीम
शहर में बालू के ट्रक से हो रहे जाम को निजात दिलाने के लिए डीएसपी के नेतृत्व में टीम बनाया गया है. टीम को कार्य सौंपा गया है कि शहर में किसी तरह का ट्रक का जाम नहीं होना चाहिए. इसके लिए डीएसपी अपने स्तर से कार्य करेंगे, ताकि अरवल वासियों को जाम से निजात मिल सके.
उमाशंकर प्रसाद, एसपी, अरवल
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