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किचेन में शेड नहीं, खुले में बन रहा है मध्याह्न भोजन

Updated at : 02 Dec 2017 5:07 AM (IST)
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किचेन में शेड नहीं, खुले में बन रहा है मध्याह्न भोजन

अनदेखी. कई स्कूलों में बच्चों को नहीं मिल रही सुविधा अरवल : सरकार द्वारा चलायी जा रही मध्याह्न भोजन योजना के धरातल पर कई प्रकार की समस्याएं आ रही हैं. बच्चों को एमडीएम योजना के तहत सरकार द्वारा भिन्न-भिन्न प्रकार की पाष्टिक आहार उपलब्ध कराना मुख्य उद्देश्य है. एमडीएम योजना शुद्ध व स्वच्छ वातावरण में […]

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अनदेखी. कई स्कूलों में बच्चों को नहीं मिल रही सुविधा

अरवल : सरकार द्वारा चलायी जा रही मध्याह्न भोजन योजना के धरातल पर कई प्रकार की समस्याएं आ रही हैं. बच्चों को एमडीएम योजना के तहत सरकार द्वारा भिन्न-भिन्न प्रकार की पाष्टिक आहार उपलब्ध कराना मुख्य उद्देश्य है. एमडीएम योजना शुद्ध व स्वच्छ वातावरण में परोसा जाये इसके लिए प्रावधान किया गया है, लेकिन विद्यालय में भवन के अभाव या किचेन शेड के अभाव के कारण कई विद्यालय में खुले वातावरण में एमडीएम बनाया जा रहा है.
ऐसी स्थिति में थोड़ी सी चुक बच्चे के लिए जानलेवा साबित होने का खतरा बना रहता है लेकिन विभाग की निर्देशों के अनुकूल प्रतिदिन नियमित रूप से मेनू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराना विद्यालय के प्रभारी को दायित्वों का निर्वहण करना पड़ता है, लेकिन आला अधिकारी खुले वातावरण में बनने वाले एमडीएम के प्रति या तो जागरूक नहीं है या विभाग द्वारा विद्यालय किचेन शेड के लिए जमीन, राशि नहीं उपलब्ध करायी जा रही है.
हर दिन के लिए तय है मेनू
जिले क्षेत्र में विद्यालय के बच्चों के लिए सोमवार को चावल, आलू -सोयाबीन का सब्जी, बुधवार को खिचड़ी, हरी सब्जी युक्त चोखा, गुरुवार को चावल, दाल, शुक्रवार को छोला-पुलाव व अंडा, फल, शनिवार को हरी सब्जी युक्त खिचड़ी व चोखा परोसने का प्रावधान किया गया है. सरकार ने वर्ग 1-5 तक के बच्चों के लिए 100 ग्राम चावल व अन्य सामग्री के लिए 4.13 पैसा जबकि वर्ग 6-8 तक के छात्र-छात्रा के लिए 1.50 ग्राम चावल व अन्य सामग्री के लिए 6.18 पैसा राशि निर्धारित की गयी है. वहीं दूसरी तरफ जिले क्षेत्र में अभी तक 68 विद्यालय भवन विहीन है जो सामुदायिक भवन चबूतरा के अलावे दूसरे विद्यालय में टैग कर संचालित किया जा रहा है, जहां बच्चों को किचेन शेड के अभाव में एमडीएम खुले वातावरण में बनाकर बच्चों के बीच परोसा जा रहा है.
शेड का निर्माण शीघ्र
कई विद्यालयों में भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण किचेन शेड का निर्माण नहीं हो सका है. भूमि उपलब्ध होने पर किचेन शेड का निर्माण शीघ्र करा दिया जायेगा. एमडीएम योजना सभी विद्यालयों में बन रहा है.
मिथिलेश कुमार, एमडीएम पदाधिकारी
क्या कहते हैं लोग
सभी विद्यालयों में मध्याह्न योजना के लिए किचेन शेड का निर्माण अति आवश्यक है, क्योंकि खुले वातावरण में भोजन बनाने के वक्त विषैले कीड़े-मकौड़े पड़ने की आशंका बनी रहती है.
विश्वनाथ सिंह
किचेन शेड न रहने के कारण कई जगहों पर एमडीएम बनाने में काफी परेशानी होती है. अगर खाना किसी तरह बन भी जाता है तो प्रदूषित होने की संभावना बरकरार रहती है़
पूनम देवी
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