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गिरफ्तारी के लिए एसआईटी का गठन

Updated at : 02 Sep 2017 6:05 AM (IST)
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गिरफ्तारी के लिए एसआईटी का गठन

करपी (अरवल) : बीईओ हत्याकांड में शामिल अपराधियों को पकड़ने करने के लिए अरवल पुलिस ने कमर कस ली है. इस कांड के सिलसिले में अरवल पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार मिश्र ने करपी थाने में पहुंचकर मामले की पड़ताल की. घटनास्थल पर भी एसपी औरतमामअफसर पहुंचे. तेजतर्रार अफसरों की टीम बनाकर शूटरों को दबोचने की […]

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करपी (अरवल) : बीईओ हत्याकांड में शामिल अपराधियों को पकड़ने करने के लिए अरवल पुलिस ने कमर कस ली है. इस कांड के सिलसिले में अरवल पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार मिश्र ने करपी थाने में पहुंचकर मामले की पड़ताल की. घटनास्थल पर भी एसपी औरतमामअफसर पहुंचे. तेजतर्रार अफसरों की टीम बनाकर शूटरों को दबोचने की कवायद पुलिस ने शुरू कर दी है. वैज्ञानिक और तकनीकी तरीकों से भी मामले की पड़ताल की जा रही है.

एसपी ने बताया कि बीईओ अपने नाम के अनुरूप ही काफी शालीन और विनम्र थे, लेकिन इस ईमानदार अधिकारी की कार्यशैली भ्रष्टाचारियों को रास नहीं आयी. साजिश के तहत शूटरों से उनकी हत्या करा दी गयी. एसपी ने बताया की अरवल पुलिस उपाधीक्षक शैलेंद्र कुमार के नेतृत्व में इस कांड के शीघ्र उद्भेदन के लिए एसआईटी गठित की गयी है.

सीबीआई जांच की मांग : भाजपा के नेताओं ने सरकार से बीईओ हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मांग की है. भाजपा अति पिछड़ा मंच के जिला अध्यक्ष आनंद कुमार चंद्रवंशी भाजपा के महामंत्री वेंकटेश शर्मा,भाजपा नेता दीनानाथ शर्मा, मुकुल पटेल, अखिलेश कुमार समेत अन्य नेताओं ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि इस हत्याकांड की निष्पक्ष जांच सीबीआई ही कर सकती है. बीईओ फर्जी शिक्षकों पर नकेल कस रहे थे, जिसके चलते उनकी हत्या कर दी गयी.
बीईओ के दफ्तर में कह कर आयी मौत : कहते है कि मौत कभी कह कर नहीं आती लेकिन करपी में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की मौत कहकर आयी. दिवंगत बीईओ शालिकराम शर्मा अपनी साफ-सुथरी छवि के लिए प्रचलित थे. अरवल के डीएम सहित शिक्षा महकमे के लगभग सभी पदाधिकारी उनकी निष्ठा और ईमानदारी के कायल थे. उनका काम फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षकों को नागवार गुजरता था. फर्जीवाड़े की जांच के दौरान उन्हें धमकियां भी दी गयीं थीं, लेकिन वे भयभीत नहीं हुए. परिणाम यह हुआ कि एक साजिश के तहत अपराधियों ने उनकी हत्या कर दी. उनकी हत्या से अरवल जिले में मातम का माहौल है. डीएम, एसपी से लेकर शिक्षक व शिक्षा विभाग के अधिकारी तक मर्माहत है. शुक्रवार को पटना स्थित गुलबी घाट पर अंतिम संस्कार के समय अरवल, करपी, कुर्था के इलाके के लोगों के अलावा उनके पैतृक गांव पटना जिला के विक्रम थाना अंतर्गत दिनाबिगहा गांव से लोग बड़ी संख्या में पहुंचे और श्रद्धांजलि दी. शालिकराम शर्मा अपने पीछे एक पुत्री और एक पुत्र छोड़ गये है. पुत्र वरुण ने पिता को मुखाग्नि दी. अरवल के जिला शिक्षा पदाधिकारी कृष्ण कुमार, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी राजेश कुमार, शिक्षक संघ के प्रधान सचिव गिरजेश कुमार, ब्रजेश कुमार, सत्येंद्र सिंह, एजाज अहमद समेत अन्य लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल थे.
सबों की आंखें नम थी. उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनको गोली लगने पर जिले के तमाम शिक्षकों ने चंदा संग्रह किया था, ताकि इलाज के लिए कहीं से भी पैसे की कमी महसूस नहीं हो, लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया.
अंतिम शवयात्रा में शिक्षाविदों की उमड़ी भीड़
शोकसभा का आयोजन
प्रखंड कार्यालय में प्रखंड विकास पदाधिकारी अखिलेश्वर कुमार, अंचल अधिकारी जगदीश पासवान, वंशी के प्रखंड विकास पदाधिकारी सौरव कुमार, सीओ कैलाश महतो समेत सभी सरकारी कर्मियों ने शालिकराम शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की. सभी विद्यालयों में शोकसभा का आयोजन कर शैक्षणिक कार्य स्थगित कर दिया गया. भाजपा मंडल कार्यालय के सामने भाजपा नेता आनंद कुमार चंद्रवंशी, वेंकटेश शर्मा, दीनानाथ सिंह, राजेश शर्मा, नरेश शर्मा आदि ने श्रद्धांजलि दी. प्रखंड मुख्यालय में साक्षर भारत मिशन के प्रखंड कार्यक्रम समन्वयक अरुण कुमार, मुख्य कार्यक्रम समन्वयक संजय कुमार सिंह, प्रेरक अजीत कुमार, अमरेश कुमार समेत बड़ी संख्या में साक्षरता कर्मियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की. हर जगह शोक संवेदनाओं का तांता लगा रहा है.
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