आरा.
वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के भोजपुरी विभाग में भोजपुरी के चर्चित लोक कलाकार रंगकर्मी भिखारी ठाकुर की जयंती समारोहपूर्वक मनायी गयी. कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व विभागाध्यक्षों प्रो नीरज सिंह, प्रो रवींद्र नाथ राय, वर्तमान विभागाध्यक्ष प्रो दिवाकर पांडेय और साहित्यकार रामयश अविकल के द्वारा दीप प्रज्वलन और भिखारी ठाकुर के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ हुई. पूर्व विभागाध्यक्ष और कथाकार प्रो नीरज सिंह ने कहा कि जिस तरह रवींद्रनाथ ठाकुर ने बांग्ला साहित्य को ऊंचाई प्रदान की उसी तरह भिखारी ठाकुर ने भोजपुरी को. उनके साहित्य के समग्र अध्ययन लगातार हो रहे हैं और बहुविविध आयाम सामने आ रहे हैं. पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो रवींद्र नाथ राय ने कहा कि भिखारी ठाकुर की रचनाओं में जो सामयिक सामाजिक सांस्कृतिक बोध था उसे अन्य भाषा के साहित्यकारों आलोचकों ने स्वीकारा है. उन्होंने केदारनाथ सिंह की चर्चित कविता का पाठ किया. साहित्यकार रामयश अविकल ने कहा कि भिखारी ठाकुर ने अपनी कृतियों में सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया है. कई बार विरोध के बावजूद भिखारी ठाकुर की लेखनी से लगातार समाज को प्रकाशित करने वाली रचनाएं आती रहीं. समारोह का संचालन शोध छात्र रवि प्रकाश सूरज ने किया. अध्यक्षीय वक्तव्य में विभागाध्यक्ष प्रो दिवाकर पांडेय ने कहा कि ठाकुर जी भोजपुरी साहित्य के मील के पत्थर हैं, कम पढ़े होने के बावजूद उनकी दूरदर्शिता उनकी रचनाओं में मौजूद हैं. विशेषकर नारी समाज के लिए जो उन्होंने लिखा वह अविस्मरणीय और प्रासंगिक बना हुआ है. कार्यक्रम में शोध छात्र सोहित कुमार सिन्हा, श्वेता कुमारी, अनुष्का कुमारी, सौम्या कुमारी, निकिता सिंह, ढूनमुन सिंह, अमरेंद्र मोहन पाठक ने भी अपने विचार रखें. समारोह को सफल बनाने में विभाग के कर्मचारियों मनोज कुमार, उत्तम तिवारी और नीलम देवी का योगदान सराहनीय रहा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

