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कागज पर तैनात हैं 12 चिकित्सक, पर दो डॉक्टर कर रहे इलाज

Updated at : 29 Jul 2025 6:52 PM (IST)
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कागज पर तैनात हैं 12 चिकित्सक, पर दो डॉक्टर कर रहे इलाज

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहार का हाल बेहाल, सुविधा के अभाव में मरीज बेहाल

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सहार.

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहार में चिकित्सक एवं नर्स की कमी के कारण मरीजों को बेहतर इलाज के लिए मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है, लेकिन वरीय पदाधिकारियों की उदासीनता कहें या मनमानी सहार में पदस्थापित छह चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति आरा, शाहपुर एवं अन्य जगहों पर की गयी है. वहीं, दो चिकित्सक बिना सूचना के गायब रहते हैं. दो डॉक्टरों के सहारे ही प्रति दिन सैकड़ों रोगियों का इलाज किया जा रहा है, जिसके कारण सरकार एवं वरीय पदाधिकारियों के द्वारा उपलब्ध करायी गयी सामग्री के लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है तथा बेहतर इलाज के लिए मरीजों को दर-दर की ठोकर खानी पड़ती है तथा अच्छी खासी आर्थिक हानि होती है.

सहार स्वास्थ्य केंद्र में 12 चिकित्सकों के पोस्ट सृजित हैं

सहार स्वास्थ्य केंद्र में फिजिशियन, सर्जन, शिशु रोग विशेषज्ञ, गायनिक, एनथिसिया सहित 12 डाॅक्टरों के पोस्ट सृजित हैं, जिसमें दो एमबीबीएस डॉक्टर विजय कुमार दास और अंजनी मेहरा कार्यरत हैं. जबकि सहार में तीन एमबीबीएस, एक एनथिसिया, एक टेंटल, एक आंख सहित सात आयुष के डाक्टर कागज पर पोस्टेड हैं, जिनका वेतन सहार से बनता है. जबकि जिला प्रशासन के द्वारा एनथिसिया के डाॅक्टर क्लिम को आरा, जेके मिश्रा को शाहपुर, डॉक्टर अनामिका कुमारी, मो एकबाल, चंद्र गुप्त, अनिल कुमार को अन्य जगहों पर पदस्थापित किया गया है. वहीं, डॉक्टर श्वेता राजेश, नीतु कुमारी गायब रहती हैं, जिसके कारण मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल प्रबंधन के द्वारा दांत के डॉ शिल्पी वर्मा, उपस्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित आयुष के डाॅक्टर मुकेश कुमार तथा भोला नाथ से ओपीडी कराया जाता है.

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक माह में 25 से 30 होती है इंजुरी :

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रति माह लगभग 25 से 30 इंजुरी होती है, लेकिन एमबीबीएस डॉक्टर दो होने के कारण इंजुरी बनाने में परेशानी होती है. वहीं, बराबर सड़क दुर्घटना होते रहती है, लेकिन सर्जन और एमबीबीएस डॉक्टर नहीं होने के कारण प्राथमिक इलाज के बाद रेफर करना पड़ता है.

प्रति माह 100 से 120 तक होता है प्रसव :

सहार स्वास्थ्य केंद्र में प्रति माह नर्स के सहारे 100 से 120 प्रसव कराया जाता है, लेकिन इस दिशा में अस्पताल प्रबंधन मौन है. सहार के ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों के बराबर मांग के बाद एक महिला डॉक्टर श्वेता राजेश को सहार में पदस्थापित किया गया था, लेकिन छह माह से बिना सूचना के गायब हैं, जिसके कारण सहार में प्रसव की जिम्मेदारी एनएम और जीएनएम पर टिकी हुई है. जानकार सूत्रों की माने तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दंत रोगियों के लिए 2020 में सभी सामग्री उपलब्ध करायी गयी है, लेकिन डॉक्टर की कमी के कारण आज तक एक भी मरीज को इसका लाभ नहीं मिला. वहीं ब्लड बैंक के लिए जिला प्रशासन के द्वारा मशीन उपलब्ध करायी गयी है. इसीजी के लिए मरीजों को परेशानियों का सामना न करना पड़े, लेकिन डॉक्टर एवं कर्मी के कमी के कारण अभी बंद पड़ा है.

सहार में 16 जीएनएम, 30 एनएम व चार क्लर्क के पद सृजित हैं :

सहार प्रखंड में बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए 16 जीएनएम के पद सृजित हैं, जिसमें पांच कार्यरत हैं. वहीं, एनएम के 30 पद सृजित हैं, जिसमें 17 कार्यरत हैं तथा क्लर्क के चार पद सृजित है जिसमें से एक कार्यरत हैं.

बिना सूचना गायब रहने पर होगी कार्रवाई :

पदस्थापित छह डाक्टर के प्रतिनियुक्ति अन्य जगह होने तथा एक डॉक्टर के बिना सूचना के गायब रहने के कारण कुछ समस्या उत्पन्न हो रही है, जिसको लेकर वरीय पदाधिकारी से बात की जायेगी.

हरिश्चंद्र चौधरी, स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी

सीएस बोले, मामला संज्ञान में नहीं था :

मामला संज्ञान में नहीं था. इस संबंध में प्रभारी से बात कर उचित पहल की जायेगी, जिससे कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हो सके.

डॉ शिवेंद्र कुमार सिन्हा, सिविल सर्जन, भोजपुर

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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DEVENDRA DUBEY

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