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Bhojpuri News : सीताराम विवाह महोत्सव का सातवां दिवस संपन्न

Updated at : 29 Nov 2025 10:38 PM (IST)
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Bhojpuri News : सीताराम विवाह महोत्सव का सातवां दिवस संपन्न

सीताराम विवाह महोत्सव महावीर स्थान रमना मैदान में राष्ट्रीय महिला परिषद माचा स्वामी महिला सेवा समिति द्वारा आयोजित सप्तम दिवस का कार्यक्रम श्रद्धा और आस्था के वातावरण में संपन्न हुआ.

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आरा. श्री सीताराम विवाह महोत्सव महावीर स्थान रमना मैदान में राष्ट्रीय महिला परिषद माचा स्वामी महिला सेवा समिति द्वारा आयोजित सप्तम दिवस का कार्यक्रम श्रद्धा और आस्था के वातावरण में संपन्न हुआ. प्रातः बेला में ज्योति पाठक और अनीस मिश्रा ने वैदिक रीति से पूजन कराया. पूजा उपरांत रामचरितमानस नवाह्न पाठ के पाठकर्ता शशिभूषण जी महाराज ने संतों के गुणों और भक्ति की महिमा का विस्तृत वर्णन किया. उन्होंने कहा कि संत वे होते हैं जो सदैव प्रभु की लीलाओं का गान करते हैं और बिना कारण दूसरों के हित में लगे रहते हैं. संतों के गुण इतने विस्तृत हैं कि उन्हें सरस्वती और वेद भी पूर्ण रूप से वर्णित नहीं कर सकते. महाराज ने कहा कि संत छह विकारों काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद और मत्सर को जीतकर जीवन जीते हैं. जो मनुष्य इन विकारों पर विजय पा लेता है, वही सच्चा संत कहलाता है. उन्होंने भीलनी शबरी की भक्ति का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके भीतर नौ प्रकार की भक्ति समाहित थी. इनमें संत संग, कथा श्रवण, गुरु सेवा, कपट रहित प्रभु गुणगान, नाम जाप में दृढ़ता, इंद्रिय नियंत्रण, हर वस्तु में प्रभु का दर्शन, संतोष तथा दूसरों में दोष न देखना और अंतःकरण में प्रभु का स्मरण और विश्वास शामिल हैं. पाठ में सुंदर कांड का पाठ भी किया गया, जिसमें सुनीता देवी, लालती सिंह, उषा पांडेय, संतोसी देवी, प्रतिमा मधुकर, पुष्पा सिन्हा और चुनमुन सिंह सहित कई महिलाएं सहभागी रहीं. दोपहर 02.45 बजे श्रीधाम वृंदावन से पधारे श्रीमद् भागवत कथा व्यास प्रेममूर्ति प्रदीप महाराज ने श्रीकृष्ण के बाल चरित्र पर मनोहारी व्याख्यान प्रस्तुत किया. उन्होंने जन्मोत्सव, बधाई मंगल गीतों के साथ नामकरण संस्कार का वर्णन किया. गोकुल की परिभाषा बताते हुए उन्होंने कहा कि ”गो” का अर्थ है इंद्रिय और ”कुल” का अर्थ है समूह, अर्थात यदि मनुष्य अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण नहीं रखता तो जीवन में दुख के अतिरिक्त कुछ प्राप्त नहीं होता. उन्होंने गर्गाचार्य द्वारा श्रीकृष्ण को भोग लगाये जाने की प्रसंग कथा सुनाई, जिसमें ध्यान में गर्गाचार्य ने स्वयं श्रीकृष्ण को भोजन ग्रहण करते देखा और दिव्यता को अनुभव किया. कथा में गोप-गोपियों के आनंद और भक्ति का भी सुंदर वर्णन किया गया. अंत में भागवत जी की आरती पूजन समिति की सदस्याओं वीणा सिन्हा, उर्मिला सिन्हा, रेखा सिन्हा, गीता सिंह, सीमा मिश्रा, राधिका देवी, अर्चना सिंह सहित कई भक्तों द्वारा की गयी. कार्यक्रम में रविशंकर तिवारी, राजन सिंह, जयप्रकाश तिवारी, उमेश बाबा, अविनाश यादव, नवल प्रसाद और पंकज सिंह सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे. कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी शशि जी द्वारा दी गयी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SHAH ABID HUSSAIN

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SHAH ABID HUSSAIN is a contributor at Prabhat Khabar.

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