आरा. नगर में मां दुर्गा की पूजा भक्ति एवं श्रद्धा के माहौल में की जा रही है. हर तरफ मां दुर्गा के ही पंडाल एवं प्रतिमाएं दिख रही हैं. इसमें विभिन्न स्वरूपों में मां दुर्गा के पूजा पंडाल का निर्माण किया गया है. पंडालों में भक्तों की मां की प्रतिमा एवं पंडालून की आकृति के रूप में श्रद्धा एवं विश्वास की भावना दिखाई दे रही है. पूजा समितियां दिन रात पूरी क्षमता पूजा को सफल बनाने में झोंक रही हैं. वहीं अन्य श्रद्धालु भी मां की भक्ति में रमे हुए हैं. घरों में भी मां दुर्गा की पूजा की जा रही है. कोई कलश स्थापना करके पूजा कर रहा है तो कोई अन्य तरीके से पूजा कर रहा है. हर कोई मां दुर्गा की भक्ति में अपनी पूरी क्षमता लगा रहा है. पंडालों की विशेष एवं भव्य आकृतियां श्रद्धालुओं को अपनी तरफ आकर्षित कर रही हैं. इन आकृतियों में किसी स्थान के महत्वपूर्ण किले तो किसी प्रसिद्ध मंदिर आदि की आकृति शामिल है. उदवंंतनगर. ग्रामीण इलाकों में मां दुर्गा का पट खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. श्रद्धालुओं ने माता के जयकारे लगाए. पूरा वातावरण एकाएक भक्तिमय हो गया. सभी माता की स्तुति करते दिखे. पट खुलते ही माता की आरती शुरू हुई और लोगों ने भक्ति भाव से माता की अराधना किया. वहीं कारीगर पंडालों को लगभग अंतिम रूप दिए. पूजा पंडालों व विभिन्न दुर्गा मंडपों को रौशनी से सजाया गया है. लाउडस्पीकर पर भक्ति गीत बजते सुने गए. लगभग सभी पूजा स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम अथवा नाटक मंचन किया गया. पूजा पंडालों के आस पास दुकानें सजी दिखी. प्रखण्ड क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमा रखी गयी है, जहां श्रद्धालु पूरे मनोयोग से मां की आराधना में जुटे हुए हैं. प्रखण्ड क्षेत्र के जीरो माइल पर बुर्ज खलीफा की भव्य प्रतिकृति बनायी गयी है जो आकर्षण का मुख्य केंद्र है. गत तीन वर्षों से उदवंंतनगर का जीरो माइल पूजा पंडाल के लिए चर्चा में रहा है. उदवंंतनगर बाजार स्थित मध्य विद्यालय के पास श्रद्धालु मां दुर्गा की प्रतिमा का दर्शन करेंगे. इस स्थल पर करीब 51 वर्षों से मां दुर्गा की पूजा होती आ रही है. उदवंतनगर के अलावा आसपास के दर्जनों गांव के लोगों के लिए यह पूजा स्थल श्रद्धा का केंद्र है. राम जानकी हाई स्कूल में भी मां दुर्गा की प्रतिमा रखी जाती है. यहां माता की प्रतिमा का खर्च एक ही व्यक्ति उठाता है. दुर्गा पूजा के अवसर पर यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होता रहा है वही मध्य विद्यालय पर सामाजिक नाटक का मंचन किया जाता है.
उदवंतनगर के असनी गांव में बरसों से दुर्गा पूजा तथा दशहरे मेले का आयोजन होता रहा है। पहले माता दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती थी लेकिन बाद में मंदिर बना दिया गया. असनी पूजा के साथ साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम दुगोला का आयोजन के लिए प्रसिद्ध है. इस साल भी दर्शक सांस्कृतिक कार्यक्रम दुगोला का आनंद लेने का इंतजार कर रहे हैं। दुगोला आयोजन में बड़ी भारी भीड़ होती है।कसाप गांव स्थित उच्च विद्यालय के पास दुर्गा मंदिर में धूमधाम से दुर्गा पूजा मनाया जाता है. प्रखंड क्षेत्र के अख्तियारपुर, दुलारपुर, बेलाउर, पियनिया, जैतपुर, अख्तियारपुर, कारीसाथ, गजराजगंज व छोटी सासाराम में प्रतिमा स्थापित की गयी है.
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