आरा
. आइसा से जुड़े दर्जनों छात्र-छात्राओं ने एसबी कॉलेज और महाराजा कॉलेज कैंपस में पटना में नीट की छात्रा गायत्री की संदिग्ध हालत में मौत की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच व बिहार में बेटियों की सुरक्षा की गारंटी की मांगों को लेकर कैंडल मार्च कॉलेज में निकाल कर सभा की. सभा का संचालन आइसा महाराजा कॉलेज राजेश कुमार और एसबी कॉलेज सचिव साहिल अरोड़ा ने करते हुए कहा कि सरकार न्याय देने की बजाए पुलिस उनके परिजनों पर लाठी बरसा रही है. बिहार में हर रोज बलात्कार एवं हत्या की घटना हो रही है. वहीं सभा को संबोधित करते हुए आइसा भोजपुर जिला सहसचिव रौशन कुशवाहा ने कहा कि सुशासन का दावा करने वाली सरकार दिल्ली से ले कर पटना तक महिला हिंसा पर लगाम लगाने में नाकाम है. आइसा महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी के लिए संघर्षरत है. बिहार में बढ़ते महिला हिंसा पर सरकार रोक लगाने में विफल है. एक निजी छात्रावास में रह कर नीट की तैयारी करने वाली छात्रा गायत्री को संदिग्ध परिस्थितियों व गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गयी. मृतका के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हॉस्टल के सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है. पटना सहित पूरे राज्य में महिला हिंसा चरम पर है. रोज महिलाओं के साथ हिंसा की घटनाएं हो रही हैं. आइसा जिला सहसचिव जयशंकर प्रसाद ने कहा कि पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा गायत्री कुमारी को न्याय देने की बजाये पुलिस उनके परिजनों पर लाठी बरसा रही है. सुशासन का दावा करने वाली सरकार दिल्ली से लेकर पटना तक महिला हिंसा पर लगाम लगाने में नाकाम है. आइसा महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी के लिए संघर्षरत है. मार्च में भोजपुर जिला उपाध्यक्ष सुमित कुमार, जैन कॉलेज सचिव विवेक कुमार, महाराजा कॉलेज अध्यक्ष शुभम मौर्या, अनूप कुमार, सागर पासवान, अंशु निराला, रोहित कुमार, अंकित राज, सोनू कुमार, पल्लवी, अंशु, नित्य वर्मा, राहुल कुमार, छोटू, पुष्कर सहित दर्जनों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

