ePaper

नहीं पकड़ाया मगरमच्छ, वन विभाग की टीम लौटी

Updated at : 24 Aug 2024 10:34 PM (IST)
विज्ञापन
Bihar news

प्रखंड क्षेत्र में एक तरफ बाढ़ से ग्रामीण दहशत में हैं. गंगा नदी में बाढ़ की वजह से बबुरा गांव के एक गढ़ा में पानी बढ़ने से एक मगरमच्छ देखा गया है.

विज्ञापन

बड़हरा. प्रखंड क्षेत्र में एक तरफ बाढ़ से ग्रामीण दहशत में हैं. गंगा नदी में बाढ़ की वजह से बबुरा गांव के एक गढ़ा में पानी बढ़ने से एक मगरमच्छ देखा गया है. मगरमच्छ ने अब तक दो मुर्गे का शिकार किया है. वहीं, एक बछड़े पर भी हमला किया है. लोगो ने वन विभाग को सूचना दे दी है. बावजूद इसके टीम अभी तक मगरमच्छ को पकड़ नहीं सकी है. अब ग्रामीण उस मगरमच्छ को नदी से बाहर निकालने के लिए बत्तख का सहारा ले रहे हैं. ग्रामीण समीर ने बताया कि बत्तख को रस्सी से बांध कर पानी भरे गढ्ढे में डाल रहे, ताकि उसे देख कर मगरमच्छ बाहर आए और उसे पकड़ा जा सके. गांव में 14 हजार की आबादी है और जिस गढ्ढा में मगरमच्छ दिखा, वहां करीब एक हजार लोग रहते हैं. लोगों ने बताया कि सबसे ज्यादा बच्चों को खतरा है. वन विभाग की टीम सूचना के बाद लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है. हालांकि मगरमच्छ को पकड़ने में टीम अभी तक सफल नहीं हो पायी है. इससे लोग दहशत में हैं. बत्तख का सहारा लेकर मगरमच्छ को पकड़ने की कोशिश : 22 अगस्त के बाद किसी ने नहीं देखा. जहां मगरमच्छ दिखा, वहां पास में ही शिव लोचन पासवान का घर है. उनके बेटे अजीत कुमार ने बताया कि करीब तीन दिन पहले मेरे घर के सामने मगरमच्छ दिखा था, जिसका वीडियो बनाया. तुरंत ही ग्रामीणों को सूचित किया. वन विभाग की टीम लोकेशन पर पहुंची, लेकिन उसे पकड़ नहीं पायी. बाद में मगरमच्छ को लगातार देखा गया. लेकिन 22 अगस्त की रात के बाद से मगरमच्छ को किसी ग्रामीण ने नहीं देखा है. घर के आगे पहरा दे रहे ग्रामीण : शोर मचाने पर पानी में चला गया. ग्रामीण समीर ने बताया कि एक दिन पहले शिव लोचन पासवान के घर के पास एक गाय का बछड़ा बंधा था. मगरमच्छ ने उस पर हमला किया था. लेकिन ग्रामीणों ने शोर मचाया तो वह पानी में भाग गया. लोग रात में सो नहीं पा रहे हैं. इधर, शुक्रवार की सुबह वन विभाग की टीम भी वापस लौट गयी. अधिक जलकुंभी होने से हो रही है परेशानी : बबुरा गंगा से सटा हुआ इलाका है. सबसे ज्यादा खतरा शिव लोचन पासवान के घर में रहने वाले लोगों को है. यह घर गड्ढे के बगल में है. घर की सीढ़ी भी पानी को छूती हुई छत की ओर जाती है. इस घर में करीब 13 सदस्य हैं. सबसे पहले इसी घर के रहने वाले अजीत कुमार ने मगरमच्छ को देखा था. वन विभाग ने इन्हीं के घर के नीचे जाल लगाया. दरअसल, बबुरा गांव गंगा नदी से सटा हुआ है. गंगा में बाढ़ आने की वजह से इस क्षेत्र में भी पानी भर चुका है. अब भले ही पानी घट रहा हो. लेकिन इस क्षेत्र से पानी अभी बाहर नहीं निकला है. यह अनुमान लगाया जा रहा है कि मगरमच्छ बाढ़ की वजह से ही इस इलाके में आया. वन विभाग ने इसी घर के नीचे लगाया है जाल : रेंजर रंजन कुमार शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा सूचना दी गई थी कि बबुरा गांव वार्ड 4 में एक छह फीट का मगरमच्छ देखा गया है. इसके बाद हमारी टीम लगातार तीन दिनों से उसकी तलाश कर रही है.गढ्ढा में अधिक मात्रा में जलकुंभी होने से मगरमच्छ की बॉडी नहीं दिख रही है. संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) और भीटीआर बगहा से टीम को बुलाया गया था. पर अब तक मगरमच्छ नहीं मिला है. निचले इलाके में रहने वाले लोगों को पानी के किनारे आने के लिए मना किया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन