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नहाय-खाय के साथ लोक आस्था का महापर्व छठ व्रत शुरू

Updated at : 25 Oct 2025 6:43 PM (IST)
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नहाय-खाय के साथ लोक आस्था का महापर्व छठ व्रत शुरू

फल समेत पूजन सामग्रियों से सजा है बाजार, हर तरफ दिख रहा उत्साह

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आरा.

लोक आस्था, प्रकृति पर्व, शारीरिक एवं मानसिक संयम का चार दिवसीय छठ महापर्व नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया. सुबह में ही व्रत रखने वाली महिलाओं ने तैयारी की एवं भगवान सूर्य को समर्पित गीत गाते नदी घाटों पर पहुंची. घाटों पर पहुंच कर पवित्र नदियों में डुबकी लगायीं.

भगवान सूर्य को समर्पित व्रती महिलाओं ने गीत गाया. इससे पूरा वातावरण अध्यात्ममय में लगने लगा. स्नान के बाद व्रतियों ने नये कपड़े धारण किये. पीला और लाल रंग के कपड़ों की विशेष महत्ता होती है.

कई व्रती महिलाओं ने छठ घाटों पर, तो कई ने घर पहुंच कर बनाया प्रसाद

नहाय-खाय को लेकर कई व्रती महिलाओं ने छठ घाटों पर ही भोजन बनाया तथा उसका पारण किया. वहीं अधिकांश व्रतियों ने घर पहुंच कर भोजन बनाया. दाल, कद्दू की सब्जी और चावल का प्रसाद बनाकर छठव्रती महिलाओं ने ग्रहण किया. व्रत रखने वाली महिलाओं के प्रसाद ग्रहण करने के बाद ही परिवार के अन्य सदस्यों ने भोजन किया. भोजन में सेंधा नमक का उपयोग किया. वहीं प्रसाद के रूप में आस-पड़ोस के लोगों तथा सगे संबंधियों को भोजन कराया गया.

शहर से गांव तक आस्था के महापर्व की है धूम

शहर से लेकर गांव तक पूरा वातावरण आस्था के रंग में रंग गया है. हर तरफ छठी मैया के गीत ही सुनाई दे रहे हैं. जिनके घर में छठ व्रत हो रहा है या फिर जिनके घर में छठ व्रत नहीं हो रहा है, सभी एक सुर से भगवान भास्कर नाथ के व्रत को लेकर मानसिक रूप से रंगे हुए दिखाई दे रहे हैं. छठ व्रतियों की सुविधा के लिए उनका परिवार उनके सहयोग में लगा हुआ है.

खरीदारी को लेकर बाजार में भीड़ से चलना मुश्किल

छठ व्रतियों द्वारा पूजा के सामान की खरीदारी को लेकर बाजार में काफी भीड़ भाड़ की स्थिति है. पैर रखना मुश्किल हो रहा है. सभी बाजार छठ व्रत को लेकर पूजा के सामान से पट गये हैं. सभी दुकानों पर काफी संख्या में लोग पहुंच कर खरीदारी कर रहे हैं. शरीफा, संतरा, नारियल, ईख, गागल ,अनानास सहित अन्य पूजा के सामान की खरीदारी की जा रही है.

नहाय-खाय के दिन कद्दू खाने का महत्व

नहाय-खाय के दिन कद्दू खाने के पीछे धार्मिक मान्यताओं के साथ वैज्ञानिक महत्व भी है. इस दिन प्रसाद के रूप में कद्दू-भात ग्रहण करने के बाद व्रती 36 घंटे निर्जला उपवास पर रहती हैं. कद्दू खाने से शरीर को अनेक प्रकार के पोषक तत्व मिलते हैं. कद्दू में पर्याप्त मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट, पानी पाया जाता है. इसके अलावा ये हमारे शरीर में शुगर लेवल को भी बरकरार रखता है. कद्दू को इम्युनिटी बूस्टर के तौर पर खाया जाता है, जो व्रतियों को 36 घंटे के उपवास में मदद करता है.

बन रहा है शुभ योग

शनिवार को शोभन, रवि एवं सिद्ध योग के उत्तम संयोग में व्रती नहाय-खाय करेंगी. रविवार को रवियोग व सर्वार्थ सिद्धि योग में व्रती खरना का प्रसाद ग्रहण करेंगी. सोमवार को पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के साथ सुकर्मा योग में अस्ताचलगामी सूर्य को एवं मंगलवार को त्रिपुष्कर एवं रवियोग का मंगलकारी संयोग में व्रती उगते सूर्य को अर्घ देंगे.

सभी सड़कों पर लग रहा है जाम

छठ व्रत में उपयोग किए जाने वाले सामानों की खरीदारी को लेकर बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी है.इस कारण शहर के अधिकांश सड़कों पर विगत दो दिनों से जाम की स्थिति बनी रह रही है.ऐसे में लोगों का चलना मुश्किल हो रहा है. वाहनों को बाजारों में ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है.लोग पैदल ही पहुंचकर पूजा के सामानों की खरीदारी कर रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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DEVENDRA DUBEY

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By DEVENDRA DUBEY

DEVENDRA DUBEY is a contributor at Prabhat Khabar.

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