भोजपुर में एससी-एसटी अत्याचार के 75 मामलों में 116 पीड़ितों को 80 लाख की सहायता
बैठक की तस्वीर
भोजपुर में अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार के 75 मामलों में 116 पीड़ितों को ₹80 लाख की सहायता राशि स्वीकृत की गई है. हत्या के मामलों में 9 आश्रितों को सरकारी नौकरी और 71 को पेंशन का लाभ मिला है.
Assistance Amount: जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की कैलेंडर वर्ष 2026 की तीसरी बैठक आयोजित की गयी. बैठक में अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा की गयी. समिति ने 75 मामलों में कुल 116 पीड़ितों को 80 लाख रुपये की सहायता राशि के भुगतान की स्वीकृति प्रदान की.
हत्या के मामलों में 9 आश्रितों को मिली सरकारी नौकरी
बैठक में बताया गया कि अधिनियम के नियम 15(1)(घ) के तहत हत्या के मामलों में अब तक कुल नौ आश्रितों को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है. वहीं, वर्तमान में 71 आश्रितों को हत्या के मामलों में प्रतिमाह पेंशन का भुगतान किया जा रहा है.
लंबित मामलों में कार्रवाई तेज करने का निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को अधिनियम के तहत लंबित मामलों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने पात्र पीड़ितों और उनके आश्रितों को नियमानुसार सहायता एवं अन्य लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने को कहा.
अधिकारियों को नियमित समीक्षा का निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को मामलों की नियमित समीक्षा करने और पीड़ितों को मिलने वाली सहायता में अनावश्यक विलंब नहीं होने देने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि पात्र लाभुकों को सरकार की ओर से निर्धारित सहायता समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है.
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में समिति के सदस्य अवधेश कुमार राम, प्रवीण कुमार, उप विकास आयुक्त हिना, वरीय उप समाहर्ता सह प्रभारी पदाधिकारी जिला सामान्य शाखा, जिला कल्याण पदाधिकारी, थानाध्यक्ष एससी/एसटी थाना, भोजपुर सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे.
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