आरा में खरीफ महाअभियान के तहत कार्यशाला का आयोजन, DM बोले- किसान देश की आर्थिक रीढ़

Published by : Nikhil Anurag Updated At : 08 Jun 2026 7:46 PM

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कार्यशाला का शुभारंभ करते डीएम सहित अन्य अधिकारी

Arrah News: भोजपुर जिले के आरा स्थित एक स्थानीय रिसॉर्ट में खरीफ महाअभियान के तहत जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसका उद्घाटन जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया, उप विकास आयुक्त और जिला कृषि पदाधिकारी डॉ नीरज कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया.

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Arrah News: (नरेन्द्र प्रसाद सिंह की रिपोर्ट) भोजपुर जिले में खरीफ फसलों की उत्पादकता बढ़ाने और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए कृषि विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है. इसी कड़ी में सोमवार को आरा के चंदवा स्थित एक स्थानीय रिसॉर्ट में खरीफ महाअभियान के तहत जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया. इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया, उप विकास आयुक्त (DDC), अपर समाहर्ता (ADM) एवं जिला कृषि पदाधिकारी डॉ नीरज कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया.

कर्मशाला में उपस्थित कृषि अधिकारियों, वैज्ञानिकों और प्रसार कर्मियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने कहा कि किसान हमारे देश की आर्थिक रीढ़ हैं और देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में कृषि क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि कृषि के क्षेत्र में पारंपरिक तौर-तरीकों से अलग हटकर अधिक से अधिक रोजगार का सृजन करें. इसके साथ ही खरीफ मौसम में सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर वास्तविक कृषक तक पहुंचाने के लिए सार्थक और ईमानदार प्रयास करें, ताकि हमारे किसानों का जीवन खुशहाल और समृद्ध बन सके.

मोटे अनाज और मक्का उत्पादन का लक्ष्य तय, सूक्ष्म सिंचाई पर रहेगा विशेष जोर

कार्यक्रम के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी डॉ नीरज कुमार ने शारदीय खरीफ मौसम के तहत जिले में क्रियान्वित होने वाली विभिन्न विभागीय योजनाओं और लक्ष्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने खरीफ उत्पादन कार्यक्रम के अंतर्गत मक्का, अरहर और मोटे अनाजों के बुआई तथा उत्पादन के निर्धारित लक्ष्यों को सामने रखा. इसके साथ ही जिले में उन्नत बीज, उर्वरक और कीटनाशकों की आवश्यकता एवं उसकी वर्तमान उपलब्धता की भी बिंदुवार समीक्षा की गई.

कृषि विभाग की इन मुख्य योजनाओं पर दी गई विस्तृत जानकारी:

  • कृषि यांत्रिकीकरण योजना: किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान की प्रक्रिया.
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना: पानी की बचत और बेहतर फसल के लिए सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देना.
  • आत्मा योजना: किसानों के कौशल विकास के लिए विशेष प्रशिक्षण, परिभ्रमण और ग्राम पंचायतों में किसान चौपाल का आयोजन.
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन: खाद्यान्न फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और कृषोन्नति योजना के विभिन्न घटकों का समयबद्ध कार्यान्वयन.

किसान सलाहकार और समन्वयक होंगे सम्मानित

बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत जिले में चल रहे ‘फार्मर्स रजिस्ट्री’ के कार्य की भी गहन समीक्षा की गई. अपर समाहर्ता ने इस कार्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि फार्मर्स रजिस्ट्री में जो भी किसान सलाहकार और कृषि समन्वयक उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और शत-प्रतिशत किसानों का डिजिटल डेटाबेस तैयार करेंगे, उन्हें जिला प्रशासन द्वारा सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा.

इसके साथ ही उन्होंने धीमी गति से कार्य करने वाले कर्मियों को चेतावनी देते हुए कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी लाभ से वंचित न रह जाए. इस जिला स्तरीय कर्मशाला में जिले के सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी (BAO), कृषि समन्वयक, उद्यान पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे.

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