17 साल बाद भी अधर में आरा-मुंडेश्वरी रेल प्रोजेक्ट, शिलान्यास से आगे नहीं बढ़ सकी योजना

Updated:
विज्ञापन
आरा-मुंडेश्वरी रेल परियोजना: 17 साल से अधर में, जनता परेशान.

AI इमेज | Prabhat Khabar Network

Arrah Mundeshwari Rail Project : 2008 में घोषित आरा-मुंडेश्वरी रेल परियोजना 17 साल बाद भी अधूरी है. 537 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी योजना से भोजपुर, बक्सर, रोहतास और कैमूर को जोड़ने का लक्ष्य था, लेकिन निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है.

विज्ञापन

Arrah Mundeshwari Rail Project : आरा-मुंडेश्वरी रेल परियोजना बरसों बाद भी अभी तक अधर में लटकी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में घोर निराशा का भाव व्याप्त है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना की पहली बार घोषणा 14 दिसंबर 2008 को तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के द्वारा की गई थी, लेकिन तब से लेकर अब तक इस रेल लाइन के लिए जमीन पर कोई खास काम नहीं किया जा सका है.

शाहाबाद को लाभ और सांसदों के प्रयास

इस योजना के पूरा होने से शाहाबाद के चारों जिलों (भोजपुर, कैमूर, बक्सर और रोहतास) के लोगों को सीधा लाभ मिलता, साथ ही उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों को भी आवागमन की बड़ी सुविधा प्राप्त होती. इसके निर्माण के लिए आरा, बक्सर और सासाराम के सांसदों ने समय-समय पर काफी प्रयास किया और तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल को भी पत्र लिखे गए थे.

आरा के पूर्व सांसद और तत्कालीन केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने भी रसौली पावर स्टेशन के एक कार्यक्रम में अपने स्तर से इसके लिए ठोस पहल करने की बात कही थी, लेकिन अभी भी लोगों की आशा केवल निराशा में ही बदलती दिख रही है.

महानायकों के सम्मान और मंत्रियों के आश्वासन

इस रेल परियोजना का इतिहास प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक वीर कुंवर सिंह के सम्मान से भी जुड़ा हुआ है. उनके किले में आयोजित एक राजकीय समारोह में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने ऐतिहासिक जगदीशपुर को रेल लाइन से जोड़ने की पहली आधिकारिक घोषणा की थी.

उनके बाद पूर्व रेल मंत्री एपी शर्मा सहित अन्य कई बड़े राजनीतिक नेताओं ने भी समय-समय पर जगदीशपुर को रेल नेटवर्क से जोड़ने के बड़े दावे और घोषणाएं की थीं. परंतु, यह घोषणा अभी तक केवल फाइलों में बंद एक घोषणा ही बनकर रह गई है और इसे धरातल पर नहीं उतारा जा सका है, जिससे महान स्वतंत्रता सेनानी को यथोचित सम्मान देने में सरकारें काफी पीछे नजर आ रही हैं और स्थानीय लोगों में आक्रोश है.

AI इमेज | Prabhat Khabar Network
AI इमेज | Prabhat Khabar Network

वहीं, भोजपुर के बिहिया में एक फुट ओवर ब्रिज के शिलान्यास के दौरान पूर्व रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी इस रेल लाइन पर तेजी से काम शुरू कराने का पूरा भरोसा दिलाया था, मगर वर्षों बीत जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है.

Arrah News : योजना का खाका और प्रस्तावित रूट

वर्ष 2008 में जब तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने मोहनिया में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के माध्यम से आरा-मुंडेश्वरी रेल लाइन विस्तार का शिलान्यास किया था, तब इसके निर्माण पर कुल 537 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था.

उन्होंने बताया था कि 147 किलोमीटर लंबी इस नई रेल परियोजना के माध्यम से भोजपुर और कैमूर जिले आपस में सीधे रेल मार्ग से जुड़ जाएंगे. इसके तहत कुल 197 छोटे-बड़े पुलों तथा 13 रेलवे स्टेशनों व हॉल्ट का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित था, जिसे मात्र पांच वर्षों में यानी वर्ष 2013 के अंत तक पूरा करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया था.

इस योजना के शिलान्यास के लगभग एक दशक बाद 8 दिसंबर 2018 को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बिहिया में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसका काम जल्द शुरू होने की बात दोहराई थी. इस रेल लाइन का करीब 22 किलोमीटर का क्षेत्र आरा संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जबकि इसका शेष बड़ा भाग बक्सर और सासाराम संसदीय क्षेत्रों के अधीन पड़ेगा.

सर्वेक्षण कार्य और प्रस्तावित रेलवे स्टेशन

शिलान्यास के दो वर्ष बीत जाने के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के वरीय पदाधिकारियों ने भभुआ रोड स्टेशन पर नारियल फोड़कर आरा-मुंडेश्वरी रेल लाइन के आधिकारिक सर्वे कार्य का शुभारंभ किया था. तैयार किए गए नक्शे के अनुसार, यह नई रेल लाइन आरा जंक्शन से शुरू होकर कोचस होते हुए भभुआ रोड स्टेशन से पहले पंडित दीनदयाल उपाध्याय-गया रेल खंड को पार करेगी.

भभुआ रोड स्टेशन से पूर्व बने रेल ऊपरी पुल के बगल से बरेज गांव के पश्चिम दिशा से यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग (जीटी रोड) को पार करते हुए आगे बढ़ेगी. इसके बाद जिला मुख्यालय भभुआ के पूर्वी छोर से होकर भगवानपुर में सीधे प्रसिद्ध मुंडेश्वरी धाम तक पहुंचने की योजना बनाई गई थी.

शाहाबाद के चारों जिलों कैमूर, बक्सर, रोहतास और भोजपुर को जोड़ने वाली इस रेल लाइन के अंतर्गत मुंडेश्वरी धाम, मोहनिया, परसथुआ, कोचस, दिनारा, भलुनी धाम, मलियाबाद, सोनबरसा, जगदीशपुर और आरा में रेलवे स्टेशनों का बनाया जाना प्रस्तावित है.

Also Read : आरा: पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर अनिल कुमार-2 बने अगिआंव बाजार के नए थानाध्यक्ष; नवादा थाना में निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारी



विज्ञापन
Narendra Prasad Sin

लेखक के बारे में

By Narendra Prasad Sin

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन