आरा : नौकरी का झांसा देकर छात्रा से 22.70 लाख की ठगी, हरियाणा से साइबर ठग गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपी के साथ पुलिस | Prabhat Khabar Network
Nalanda News : नौकरी की तलाश कर रही कृषि स्नातक छात्रा से साइबर ठगों ने 23 लाख रुपए ठग लिए. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हरियाणा से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. यह ठगी होटल रेटिंग के नाम पर की गई थी.
Nalanda News : नौकरी की तलाश कर रही रोहतास की कृषि स्नातक की छात्रा से साइबर ठगों द्वारा करीब 23 लाख रुपए की बड़ी ठगी कर ली गयी है. अपराधियों ने पहले दो से तीन हजार रुपए रोजाना वेतन देने का प्रलोभन दिया और फिर स्थायी नौकरी होने तक निवेश कराने के नाम पर पैसे ठग लिए.
हालांकि, छात्रा द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद आरा साइबर थाने की पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हरियाणा निवासी एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरियाणा के सोनीपत थाना सेक्टर 27 के खान कॉलोनी सेक्टर 12 की मस्जिद वाली गली निवासी नूर हसन के पुत्र साहिल के रूप में की गई है. उसके पास से ठगी में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल भी बरामद किया गया है.
दोस्तों के कहने पर चेक से की थी निकासी, पुलिस कर रही अन्य आरोपियों की तलाश
पुलिस की कड़ी पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी साहिल द्वारा इस बड़ी ठगी में अपनी संलिप्तता पूरी तरह स्वीकार कर ली गयी है. उसने पुलिस को बताया है कि अपने दोस्त करण और मोहित के कहने पर उसने चेक के जरिए बैंक से ठगी के पैसे की निकासी की थी. निकासी के बाद उसने सारे पैसे अपने दोनों दोस्तों को दे दिए थे. ऐसे में अब पुलिस फरार आरोपी करण और मोहित की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी में जुटी है. आरा के साइबर डीएसपी रौशन कुमार की ओर से शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में यह विस्तृत जानकारी दी गयी है.
टेलीग्राम पर नौकरी ढूंढने के दौरान आया था कॉल, होटल रेटिंग के नाम पर फंसाया
साइबर डीएसपी रौशन कुमार ने बताया कि रोहतास के दिनारा थाना क्षेत्र के डेढ़ाव गांव निवासी वीरेंद्र कुमार सिंह की पुत्री अपूर्वा परमार जीएलए विश्वविद्यालय की कृषि स्नातक की छात्रा है. उनके द्वारा आरा साइबर थाने में लिखित आवेदन दिया गया था. उसमें कहा गया था कि वह सोशल मीडिया के टेलीग्राम प्लैटफॉर्म पर अपने लिए नौकरी की तलाश कर रही थी. उसी दौरान उनके मोबाइल नंबर पर अज्ञात कॉल और मैसेज आया.
उसमें उन्हें नौकरी ऑफर की गई और दो से तीन हजार रुपए रोजाना वेतन देने का लुभावना वादा किया गया. अपराधियों ने कहा कि नौकरी स्थायी होने पर नियमित वेतन दिया जायेगा. पहली बार काम करने पर छात्रा को दो सौ से तीन सौ रुपए दिए गए. उसके बाद टेलीग्राम के जरिए लिंक भेज कर गूगल मैप पर रेस्त्रां की रेटिंग बढ़ाने को कहा गया, जिसके एवज में छात्रा को सात से आठ हजार रुपए देने की बात कही गयी.
नौकरी पक्की करने के नाम पर कराया 22.70 लाख का निवेश, साइबर थाने में दर्ज कराई शिकायत
उसी काम के दौरान झांसा देकर छात्रा से पहले 29 हजार और फिर 50 हजार रुपए की मांग की गयी. अपराधियों ने कहा कि नौकरी स्थायी होने तक उन्हें कुछ निवेश करना पड़ेगा. इस झांसे से पूरी तरह प्रभावित होकर छात्रा द्वारा विभिन्न किस्तों में कुल 22 लाख 70 हजार रुपए का बड़ा निवेश कर दिया गया.
बाद में जब रिटर्न नहीं मिला और ठगी का अहसास हुआ, तो पीड़िता द्वारा तुरंत आरा साइबर थाने में आवेदन देकर गुहार लगाई गई. मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक राज की ओर से पैसे की बरामदगी और अपराधियों की त्वरित गिरफ्तारी के लिए साइबर डीएसपी रौशन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गयी.
बैंक खातों की जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर दबोचा गया शातिर साहिल
अनुसंधान में जुटी विशेष टीम द्वारा तत्काल तकनीकी और वैज्ञानिक विश्लेषण शुरू किया गया. अनुसंधान के क्रम में छात्रा द्वारा जिन-जिन बैंक खातों में पैसे भेजे गए थे, पुलिस ने उनकी सघन जांच शुरू की. जांच में पता चला कि चेक के जरिए उन पैसों की बैंक से निकासी की गयी है.
इसके बाद उन खातों से जुड़े मोबाइल नंबरों की पहचान की गयी. उस मोबाइल नंबर के लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम ने हरियाणा से साहिल को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया. इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में इंस्पेक्टर पिंटू कुमार और दारोगा मो. अली सहित साइबर थाने के अन्य पुलिस कर्मी मुख्य रूप से शामिल थे.
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