आरा.
जिले में 15 नवंबर से धान की खरीदारी की जायेगी. इसके लिए सहकारिता विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है. कई समितियों का निबंधन हो चुका है. वहीं, कई किसानों ने भी अपने धन की बिक्री के लिए निबंधन कराया है. इसके बावजूद 15 नवंबर को धान की खरीदारी में कठिनाई आ सकती है.धान की फसल नहीं हुई है तैयार
अभी भी जिले में धान की फसल तैयार नहीं हो पायी है. किसान हाथ से धान की कटनी किये हैं. इससे विभाग को खरीदारी करने में परेशानी होगी. जब फसल तैयार होगी, तब तो केंद्रों पर बिक्री के लिए जायेगी. इसे लेकर जिला सहकारिता पदाधिकारी लवली कुमारी ने बताया कि मैंने कई प्रखंडों का दौरा किया है, पर अभी पूरी तरह धान की फसल तैयार नहीं हुई है. कटनी नहीं लगी है. एक दो किसान हाथ से धान की कटनी किये होंगे, तो उनके फसल की तैयारी की जायेगी.
45 समितियों ने कराया है निबंधन
अभी तक जिले में 45 समितियों ने निबंधन कराया है. इसमें पैक्स एवं व्यापार मंडल दोनों शामिल हैं. हालांकि अभी भी सभी समितियों द्वारा धान खरीदारी को लेकर तैयारी पूरी नहीं की गयी है. कुछ किसानों की धान की खरीदारी ही हो पायेगी.
कार्यरत हो गये हैं 165 कॉमन सर्विस सेंटर
धान की खरीदारी को लेकर विभाग द्वारा 165 कॉमन सर्विस सेंटर की शुरुआत की गयी है. यहां पर किसान अपना काम करा सकते हैं. इससे किसानों को सुविधा होगी.
पिछली बार खरीदा गया था 15000 क्विंटल धान
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष इस समय 15000 क्विंटल धान की खरीदारी किसानों से कर ली गयी थी, पर इस बार ऐसा नहीं हो पा रहा है. इसका कारण चुनाव में व्यस्तता या फिर साइक्लोन के कारण एक सप्ताह पहले ही हुई वर्षा से धान के खेतों की तैयारी नहीं हो पाना है.
2600 किसानों ने कराया है निबंधन
धान की बिक्री को लेकर अभी तक जिले में कुल 2600 किसानों ने ही निबंधन कराया है. फसल तैयार नहीं होना या फिर राजनीतिक कारणों से ऐसा हो सकता है. अन्यथा धान की खरीदारी में महज दो दिन रह गये हैं. इतने में काफी संख्या में किसानों ने निबंधन कराया होता.
17% नमी का है मानदंड
17 % नमी का मानदंड धान की खरीदारी को लेकर सरकार द्वारा रखा गया है. इतने से अधिक नमी होने पर विभाग द्वारा धान की खरीदारी नहीं की जायेगी. जबकि चावल के लिए नमी 14% तय किया गया है.
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने कहा,
धान की खरीदारी के लिए तैयारी कर ली गयी है. 15 नवंबर से धान की खरीदारी की जायेगी. पर इस दिन हो सकता है किसान काफी काफी कम संख्या में बिक्री को लेकर क्रय केंद्रों पर पहुंचे. हालांकि विभाग द्वारा बैनर, पोस्टर के माध्यम से प्रचार प्रसार किया गया है. गोदाम के लिए एकरारनामा बना लिया गया है, ताकि धान की खरीदारी होने पर भंडारण में परेशानी नहीं हो.
लवली कुमारी, जिला सहकारिता पदाधिकारीडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

