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बकरा व रतवा नदी का जलस्तर बढ़ा

Updated at : 10 Jul 2024 8:56 PM (IST)
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बकरा व रतवा नदी का जलस्तर बढ़ा

नवनिर्मित सड़क क्षतिग्रस्त

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फोटो:51-जान जोखिम में डालकर आवागमन करते लोग.

पलासी. लगातार हो रही बारिश व पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से पानी छोड़े जाने को लेकर प्रखंड के अंतर्गत बहनें वाली बकरा व रतवा नदी के जल स्तर में वृद्धि होने से निचले स्तर में बकरा व रतवा नदी का बाढ़ का पानी फैल गया. जिसमें धर्मगंज, जरिया खाड़ी, बकनिया, भट्टाबाडी, सोहदी, छतराबाडी सहित आदि गांव के निचले हिस्से के दर्जनों परिवार को प्रभावित किया है. सभी परिवार अपने-अपने घर को छोड़ कर तत्काल ऊंचे स्थान पर जाने को विवश हैं. वहीं बकरा नदी हो रहें जलस्तर में वृद्धि होने के कारण उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय धर्मगंज, स्वास्थ्य केंद्र धर्मगंज में बाढ़ का पानी घुस जाने से विद्यालय में पठन-पाठन व स्वास्थ्य केंद्र में लोगों का स्वास्थ्य चिकित्सा प्रभावित हो गया है. वहीं धर्मगंज से भट्टाबाडी, धर्मगंज से मेहरो चौक जाने वाली मार्ग स्थित चतरा धार के समीप सड़कों पर दो से तीन फीट पानी का तेज बहाव जारी है. जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है. साथ हीं कोढैली पश्चिम पार जाने वाले नवनिर्माण सड़क पर बकरा नदी कटान तेज रहने से सड़क का करीब करीब हिस्सा कट कर विलीन हो गया हैं.

परमान नदी तटबंध की नहीं हुई मरम्मत

फोटो:52-विरोध प्रकट करते दिपोल के ग्रामीण.

बथनाहा. बाढ़ की त्रासदी से फारबिसगंज अनुमंडल क्षेत्र के लोगों को प्रतिवर्ष लाखों की क्षति होती है. लहलहाती फसलें डूब जाती हैं. क्षेत्र के कई गांवों के लोगों का महीनों आवागमन ठप हो जाता है. वहीं परमान नदी से सटे बथनाहा पंचायत के दीपौल गावं के लोगो को बाढ़ की चिंता सताने लगी है, जर्जर बांध के किनारे बसे दीपौल गावं वार्ड संख्या 16 में घनी आबादी होने के बावजूद बाढ़ से स्थायी निजात दिलाने की मांग अब भी अधूरी है. जहां बांध पूरी तरह छतिग्रस्त होकर रोड़ पर बड़े-बड़े गड्डे बन गये हैं. जिनकी मरम्मत की मांग ग्रामीण लगातार अपनी मांग कर रहे है. अगर समय रहते बांध की मरम्मत नहीं करायी गई तो इस वर्ष भी लोगों को कठिन दौर से गुजरना होगा. परमाण नदी की उफनाती धारा हर साल इस गांव में तबाही मचाती है. इस मामले में बथनाहा पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि मुख्तार आलम ने बताया कि बांध निर्माण शुरू नहीं होने से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, बांध किनारे में तेज पानी की रफ्तार की वजय से रोड़ पूरा टूट गया है, अगर इसी तरह कुछ दिन और बारिश हुई तो बांध टूट जायेगा. इस माममें में फारबिसगंज व अंचलापदधिकारी को फोन के मार्फ़त जानकारी भी दी गई है, लेकिन शाम तक प्रशासन के द्वारा कोई आश्वासन नहीं मिला है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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