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मवेशी लदा दो वाहन जब्त

Updated at : 22 Dec 2024 8:01 PM (IST)
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मवेशी लदा दो वाहन जब्त

सिमराहा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना पर रविवार की देर संध्या फोरलेन सड़क पर मानिकपुर बुर्जा चौक के समीप मवेशी लदा दो वाहन जब्त किया

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सिमराहा. सिमराहा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना पर रविवार की देर संध्या फोरलेन सड़क पर मानिकपुर बुर्जा चौक के समीप मवेशी लदा दो वाहन जब्त किया. थानाध्यक्ष प्रेम कुमार भारती ने जानकारी देते बताया कि जब्त पिकअप वाहन से 20 की संख्या में मवेशी बरामद हुई है. दोनों चालक को भी हिरासत में लिया गया है. जिससे पूछताछ चल रही है. समाचार प्रेषण तक पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई में जुटी थी.

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सुदूरवर्ती इलाकों के संस्थानों को ससमय उपलब्ध होगी जरूरी दवाएं व अन्य चिकित्सकीय सामग्री

-जरूरी दवा व अन्य सामग्रियों के परिवहन के लिये दो स्तरों पर उपलब्ध होगा मुफ्त औषधि वाहनप्रतिनिधि, अररिया

जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थान खासकर सुदूरवर्ती इलाकों में अवस्थित सरकारी अस्पतालों में जरूरी दवाएं व अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सकीय सामग्रियों की उपलब्धता ससमय सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से विभाग द्वारा जरूरी पहल की गयी है. इसके लिये मुफ्त औषधि वाहन की व्यवस्था की गयी है. ताकि विभिन्न संस्थानों तक ससमय दवा व अन्य चिकित्सकीय सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके. स्वास्थ्य विभाग द्वारा जीपीएस युक्त विशेष वाहनों के माध्यम से जरूरी दवाएं, चिकित्सकीय सामग्री व परिवार कल्याण से जुड़े सामग्रियों का ससमय वितरण सुनिश्चित कराया जायेगा.

ससमय उपलब्ध होगी जरूरी दवाएं

जिला मूल्यांकन व अनुश्रवण पदाधिकारी पंकज कुमार झा ने बताया कि ससमय संस्थानों को जरूरी दवा उपलब्ध होने से किसी भी व्यक्ति को दवाओं की अनुपलब्धता के कारण स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित नहीं रहना पड़ेगा. दवाओं के परिवहन के लिये दो श्रेणियों में वाहन का की व्यवस्था होगी. प्रथम श्रेणी के पूरी तरह बंद वाहनों से जिला ड्रग वेयर हाउस से दवा व अन्य सामग्रियों का परिवहन जिला अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल, रेफरल हॉस्पिटल, सीएचसी, पीएचसी के स्तर पर किया जायेगा. वहीं दूसरे श्रेणी के छोटे वाहनों से संबंधित पीएचसी व सीएचसी से सभी एपीएचसी, एचएससी, एचडब्ल्यूसी स्तर से दवाओं का परिवहन सुनिश्चित कराया जायेगा.

आपूर्ति संबंधी मामलों की होगी नियमित निगरानी

डीपीएम स्वास्थ्य संतोष कुमार ने बताया कि दवा व अन्य चिकित्सकीय सामग्रियों के आपूर्ति संबंधी मामलों का विभिन्न स्तरों पर नियमित निगरानी व अनुश्रवण किया जायेगा. सभी मुफ्त औषधि वाहनों में जीपीएस ट्रेकिंग डिवाइस लगे होंगे. जो 24 घंटा क्रियाशील रहेगा. इसमें न्यूनतम 60 दिनों का डेटा स्टोरेज की क्षमता होगी. निर्धारित रूट चार्ट के तहत उक्त वाहनों की मदद से सभी संस्थानों तक दवाएं पहुंचाया जायेगा. सुरक्षित डिलवरी सुनिश्चित कराना सेवा प्रदाता कंपनी का दायित्व होगा. इसमें किसी प्रकार की टूट-फूट व कमी की स्थिति में संबंधित एजेंसी द्वारा उक्त नुकसान की भरपाई करेगा. वाहनों का परिचालन, दवा व सामग्रियों की आपूर्ति व इसके प्राप्त होने की सूचना ट्रांसपोर्ट मैनजमेंट सिस्टम डैशबोर्ड पर अपलोड किया जायेगा. ताकि इसका नियमित निगरानी व अनुश्रवण संभव होगा.

संस्थानों में नहीं होगी दवाओं की कमी सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने कहा कि मुफ्त औषधि वाहन विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है. इससे सभी संस्थानों को ससमय मुफ्त दवा व चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति संभव हो सकेगा. हर मरीज को समय पर उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं व चिकित्सा सामग्री मिल सके यह विभाग की प्राथमिकता है. डिजिटल प्रणाली से आपूर्ति की निगरानी होने से किसी भी स्तर पर दवाओं की कमी नहीं होगी. इससे जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त व सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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