अररिया में समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री ने दिए जनहित योजनाओं में तेजी लाने के दिए निर्देश
Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 07 Jun 2026 11:48 AM
बैठक में उपस्थित प्रभारी मंत्री व अन्य
Review Meeting: अररिया समाहरणालय के परमान सभागार में जिला प्रभारी मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में 20 सूत्री जिला कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और परिवहन जैसे गंभीर जन-सरोकार के मुद्दों पर चर्चा करते हुए प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को जन समस्याओं के त्वरित निष्पादन का कड़ा निर्देश दिया.
अररिया से पंकज कुमार की रिपोर्ट
Review Meeting: अररिया जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय के परमान सभागार में विकास कार्यों को गति देने और जन-समस्याओं के ऑन-स्पॉट निपटारे के उद्देश्य से जिला कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति (20 सूत्री) की एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार के पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्री सह अररिया जिला के प्रभारी मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने की. इस उच्चस्तरीय बैठक में जिले के तमाम विधायकों, प्रशासनिक आलाधिकारियों और समिति के सदस्यों ने भाग लिया. बैठक के दौरान पिछली बैठकों के अनुपालन प्रतिवेदन की समीक्षा की गई और शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व व बुनियादी ढांचे से जुड़ी जनहित की योजनाओं को समय-सीमा के भीतर धरातल पर उतारने की रणनीति बनाई गई.
प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जुटे जिले के आलाधिकारी और माननीय विधायक
| पद / प्रतिनिधित्व | बैठक में शामिल मुख्य अतिथि व अधिकारी |
| अध्यक्षता (प्रभारी मंत्री) | डॉ. रामचंद्र प्रसाद (मंत्री, पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार) |
| प्रशासनिक नेतृत्व | विनोद दूहन (जिलाधिकारी, अररिया) एवं जितेंद्र कुमार (पुलिस अधीक्षक, अररिया) |
| विधायक गण (माननीय सदस्य) | मो. मुर्शिद आलम (जोकीहाट), अविनाश मंगलम (रानीगंज), देवयंती यादव (नरपतगंज) |
| समिति पदाधिकारी | आदित्य नारायण झा (उपाध्यक्ष, 20 सूत्री), आशीष कुमार पटेल (सदस्य) |
महादलित टोलों में बिजली और स्कूलों में शिक्षकों के असंतुलन पर कड़े निर्देश
शिक्षकों के युक्तिकरण की बनेगी सूची: शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान जिले के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की घोर कमी, हालिया स्थानांतरण (तबादलों) से उपजी विसंगतियां और भवन निर्माण की गुणवत्ता का मामला माननीय विधायकों द्वारा प्रमुखता से उठाया गया. इस पर संज्ञान लेते हुए प्रभारी मंत्री ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को कड़ा निर्देश दिया कि वे ऐसे सभी स्कूलों की अविलंब सूची तैयार करें जहां छात्र और शिक्षकों की संख्या में भारी असंतुलन (RTE मानकों के विपरीत) है, ताकि शिक्षकों का युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) किया जा सके.
इसके अलावा बिजली विभाग की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने कार्यपालक अभियंता को स्पष्ट हिदायत दी कि जिले के जिन महादलित टोलों में आज भी बिजली नहीं पहुंची है, वहां युद्धस्तर पर पोल-तार गाड़कर शीघ्र विद्युत आपूर्ति बहाल की जाए, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी.
परिवहन, स्वास्थ्य और राजस्व मामलों में जिलाधिकारी का कड़ा एक्शन
- परिवहन विभाग (बस यात्रियों से अवैध वसूली): बैठक में बसों में यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने, बस स्टैंडों पर अवैध पार्किंग और शहर की जाम समस्या पर विस्तृत चर्चा हुई. जिलाधिकारी विनोद दूहन ने जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) को औचक निरीक्षण कर दोषी बस ऑपरेटरों के खिलाफ कड़क कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
- राजस्व विभाग (ऑनलाइन म्यूटेशन): भूमि विवाद और ऑनलाइन दाखिल- खारिज (म्यूटेशन) में आ रही शिकायतों पर जिलाधिकारी ने प्रभारी मंत्री को अवगत कराया कि गड़बड़ी करने वाले दोषी अंचल कर्मियों और अधिकारियों के विरुद्ध पूर्व में ही दंडात्मक कार्रवाई की जा चुकी है और इस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
- स्वास्थ्य एवं नगर परिषद: अस्पतालों में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट की कार्यशीलता को जांचने और नगर परिषद क्षेत्रों में सड़कों के किनारे खुले में मांस-मछली की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने व रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों के व्यवस्थित पुनर्वास (वेंडिंग जोन) पर चर्चा की गई.
- मत्स्य व कृषि विकास: जिले में नीली क्रांति को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य पालन के तहत नए तालाबों के निर्माण में तेजी लाने तथा धान अधिप्राप्ति व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने का निर्देश दिया गया.
जन समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता:
बैठक के समापन पर प्रभारी मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए. अधिकारी दफ्तरों से निकलकर जमीनी धरातल पर योजनाओं (मनरेगा, नल-जल, पीएम आवास) का नियमित निरीक्षण करें. जन प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सवालों और जनहित के मुद्दों को ठंडे बस्ते में डालने के बजाय अधिकारी उसे प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा के भीतर निष्पादित करना सुनिश्चित करें, अन्यथा जवाबदेही तय कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
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By Divyanshu Prashant
दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।
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