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चौक-चौराहों पर पंचायत चुनाव की सरगर्मी तेज

Updated at : 24 Nov 2025 7:57 PM (IST)
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चौक-चौराहों पर पंचायत चुनाव की सरगर्मी तेज

नगर निकाय में शामिल हो सकते हैं कई पंचायत

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मुखिया, समिति आदि पद के प्रत्याशी अभी से सीटों के आरक्षण का अनुमान लगा, कर रहे जन संपर्क

फारबिसगंज. फारबिसगंज के ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है. उम्मीदवार आरक्षण का अनुमान लगाकर अपनी रणनीति बना रहे हैं, पंचायत के मुखिया समेत अन्य पंचायती राज प्रतिनिधि अपना साख बचाने व दोबारा किस्मत आजमाने के लिए लग गये हैं तो विरोधी दल उन्हें हराने की कोशिश शुरू कर रहे हैं. आरक्षण का निर्धारण न होने से प्रत्याशियों में जुगलबंदी का दौर चल रहा है. मौजूदा जनप्रतिनिधि मतदाताओं को लुभाने का कार्य शुरू कर दिये हैं. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की सरगर्मी गांवों में जोर पकड़ने लगी है. ग्राम पंचायत चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, गांवो में चुनावी हलचल साफ दिखने लगी है. मुखिया, समिति आदि पद के प्रत्याशी अभी सीटों के आरक्षण का अनुमान लगाकर अपने-अपने विकल्प की जुगलबंदी लेकर चुनाव मैदान में साठ गांठ बनाते हुए जीतने-जिताने का ताल ठोक रहें है. पंचायत चुनाव की चर्चाएं अब गांव पंचायतों में गूंजने लगी है. प्रखंड के पूर्वी इलाकों में इस बार पंचायत चुनाव की सरगर्मी कुछ अधिक देखी जा रही है.

नगर निकाय में शामिल हो सकते हैं कई पंचायत

कई पंचायत क्षेत्र को नगर निकाय में शामिल करने की बात कही जा रही है. इस से पूर्वी इलाकों में हीं अधिकांश पंचायत बच जायेगा. विभिन्न पंचायतों में कहीं पर विरोधी दल भी सक्रिय होकर शिकस्त देने का ताना बना बुनना शुरू कर दिए हैं, अभी तक मुखिया समिति आदि के आरक्षण के लिए सीटों का निर्धारण नहीं हुआ है. अभी नये-नये फार्मूले के साथ प्रत्याशी ताल ठोंक रहे है. हर गांव के चौक-चौराहों पर हर वर्ग से चाहे तो ओबीसी सामान्य या फिर एससी सीट हो, यहां जुगलबंदी का दौर जोरो पर है. लड़ने व लड़ाने दोनों की चर्चा तेज है. चुनावी मैदान में उतरने वाले धुरंधर बताते हैं कि मतदाताओं को लुभाने के दौर चलने चल रहा है, फिलहाल अभी हर वर्ग के प्रत्याशी अपना-अपना विकल्प तलाशने मे जुटे है कि यदि ओबीसी सीट हुई तो हम लड़ेंगे व यदि एससी हुई तो आप को सपोर्ट करेंगे, सामान्य हुआ तो क्या करना है फिलहाल यही दौर चल रहा है. अपने विकल्प की तलाश पूरी कर अपने पांच साल का कार्य बताने के साथ मतदाताओं के पास जाकर माफीनामा पेश करते नज़र आने लगें हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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MRIGENDRA MANI SINGH

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