भरगामा. प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों मौसम में उतार-चढ़ाव के चलते इन दिनों मक्का की फसल पीली पड़ने लगी है व पत्ते सूखने लगे हैं. खासकर अधिकांश खेतों में पछेती बुआई की गयी मक्का फसल पीली पड़ती जा रही है. जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें देखी जा रही है. किसानों का कहना है कि वर्तमान में अभी तापमान में गर्माहट भी नहीं हुई है. खेतों में भरपूर मात्रा में नमी है फिर भी मक्का की फसल पीले पड़ने लगे हैं. किसानों ने बताया कि इस वर्ष क्षेत्र में काफी अधिक किसानों ने मक्का लगाया है. लेकिन लगातार हो रही मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण मक्के की फसल के सामने विषम परिस्थितियां बनने लगी है.
इन गांवों के किसान ज्यादा परेशान
भरगामा, रामपुर आदि, रघुनाथपुर, बीरनगर, पैकपार, रहड़िया के अलावा खजुरी, खुटहा बैद्यनाथपुर, मौजाहा, घनेश्वरी, जयनगर, शंकरपुर के आसपास के गांव इससे प्रभावित हैं. किसानों ने बताया कि इस बार खेतों में नमी बने रहने के चलते मक्का के बंपर पैदावार की उम्मीद थी. लेकिन फसल को शुरूआत में ही रोग ने घेर लिया है. अचानक से मक्का फसल प्रभावित होने लगी है. सोनापुर के मदन मंडल, जयनगर के सुनील सिंह, कुंदन सिंह , मणि भूषण सिंह, रामपुर आदि के बंटी सिंह, राजीव सिंह , खजुरी के राजीव यादव ने बताया सुबह-शाम फसलों की निगरानी कर रहे हैं. ताकि बीमारियों का समय रहते उपचार हो जाए. फलत: कृषक लेट से मक्का फसल की बुआई की परंतु अच्छी जर्मिनेशन के चलते उत्पादन अच्छा होने की उम्मीद थी. मौसम में उतार-चढ़ाव के चलते फसलों को रोग ने घेर लिया है.
जिंक, बोरॉन व कीटनाशक का छिड़काव करें किसान
इस संबंध में बीएओ आलोक प्रकाश ने सुझाव दिया कि जिन किसानों के मक्के पीले पड़ रहे हों वे नैनों जिंक, बोरॉन व कीटनाशक को मिलाकर मक्का में छिड़काव करें. इससे पीलापन दूर होगा. इसके अलावा जिस मक्का खेत में पौधे का बढ़ाव नहीं हो रहा है. वे फसल पीली पड़ रही है.
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