विषहरिया वार्ड 10 का मुख्य चौराहा जलजमाव से बना दलदल, 8500 आबादी बेहाल; नाला निर्माण की मांग

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फोटो कैप्शन : विषहरिया पंचायत के मुख्य चौराहे पर लंबे समय से जमा पानी व फैली कीचड़  | Prabhat Khabar Network

विषहरिया पंचायत के मुख्य चौराहे पर लंबे समय से जमा पानी व फैली कीचड़ | Prabhat Khabar Network

अररिया के विषहरिया वार्ड 10 का मुख्य चौराहा कई वर्षों से जलजमाव की गंभीर समस्या से जूझ रहा है. 8500 की आबादी, विद्यार्थी और किसान सभी परेशान हैं. डेंगू और मलेरिया का खतरा मंडरा रहा है.

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अररिया जिले के भरगामा प्रखंड अंतर्गत विषहरिया पंचायत के वार्ड संख्या 10 स्थित मुख्य चौराहा पिछले कई वर्षों से जलजमाव और कीचड़ की गंभीर समस्या से जूझ रहा है. पंचायत के प्रमुख संपर्क मार्ग पर स्थित यह चौक मानसून आते ही पूरी तरह दलदल में तब्दील हो जाता है. नाले का निर्माण और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों, विद्यार्थियों, किसानों व राहगीरों को रोजाना भारी कठिनाइयों का सामना करने पर मजबूर होना पड़ रहा है.

वर्ष में 6 महीने तक जलजमाव, पढ़ाई और आवागमन प्रभावित

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस चौराहे पर साल के लगभग 6 महीने तक पानी जमा रहता है:

  • स्कूल जाने वाले बच्चे परेशान: विषहरिया पंचायत की आबादी करीब 8,500 है. पंचायत की साक्षरता दर लगभग 40% है. रोजाना सैकड़ों छात्र-छात्राएं इसी कीचड़ भरे रास्ते से होकर स्कूल-कॉलेज जाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है.
  • दुर्घटना का खतरा: आए दिन बाइक और साइकिल सवार कीचड़ में फिसलकर गिर रहे हैं. मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है.

डेंगू और मलेरिया का मंडरा रहा खतरा

चौराहे पर लंबे समय से जमा गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है:

  • बीमारियों का डर: जमा पानी में मच्छरों के पनपने से ग्रामीणों में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और त्वचा रोग फैलने का डर बना हुआ है.
  • स्वास्थ्य जोखिम: ग्रामीणों का कहना है कि बदबू और गंदे पानी की वजह से चौराहे के आसपास रहना और दुकान चलाना दूभर हो गया है.

"जनप्रतिनिधियों ने साधी चुप्पी" — सद्दाम हुसैन

सामाजिक कार्यकर्ता सद्दाम हुसैन ने बताया कि विषहरिया पंचायत प्रखंड मुख्यालय से लगभग 18 किलोमीटर और अररिया जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, लेकिन इसके बावजूद इस मुख्य समस्या का समाधान नहीं होना प्रशासनिक उपेक्षा को दर्शाता है. कई बार विभागीय अधिकारियों और प्रतिनिधियों को आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई.

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

  1. स्थायी जलनिकासी: मुख्य चौक पर स्थायी जलनिकासी के लिए नाला एवं पुलिया का निर्माण शीघ्र कराया जाए.
  2. सड़क का ऊंचीकरण: जर्जर सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए और उसका ऊंचीकरण (Raising) किया जाए.
  3. फॉगिंग की व्यवस्था: मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए क्षेत्र में नियमित फॉगिंग और कीटनाशक का छिड़काव कराया जाए.

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन और प्रखंड प्रशासन द्वारा जल्द ही जलजमाव से मुक्ति के लिए कदम नहीं उठाए गए, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.


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राष्ट्रभूषण पिंटू

लेखक के बारे में

By राष्ट्रभूषण पिंटू

राष्ट्रभूषण पिंटू प्रिंट माध्यम में 12 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. भरगामा (अररिया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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