अररिया में बारिश से धान की रोपनी ने पकड़ी रफ्तार, किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

धान रोपनी करते किसान
अररिया में रुक-रुक कर हो रही बारिश से धान की रोपनी ने गति पकड़ ली है। मानसून की मेहरबानी से खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आई है, जिससे किसानों में खुशी है।
अररिया से पंकज कुमार की रिपोर्ट
बीते सोमवार से जिले में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है. जून में मानसून की कमजोर शुरुआत और पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण धान की रोपनी प्रभावित हो रही थी. कई किसानों ने नर्सरी तैयार कर ली थी, लेकिन खेतों में पर्याप्त पानी नहीं होने से रोपनी का काम रुका हुआ था.
अब लगातार हो रही बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है और धान की रोपनी ने रफ्तार पकड़ ली है. इससे किसानों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है.
बारिश से खरीफ फसलों को मिला संबल
जिले में खरीफ मौसम 2026 के दौरान धान सबसे प्रमुख फसल है. इसके अलावा मक्का, अरहर, मूंग, उड़द और तिल की भी खेती की जा रही है. बारिश होने से खेतों की जुताई और धान की रोपनी का कार्य तेज हो गया है.
जिन किसानों ने पहले से धान की नर्सरी तैयार कर रखी थी, उन्होंने रोपनी शुरू कर दी है. वहीं जिन क्षेत्रों में अभी भी पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा है, वहां किसान अगली अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं.
कृषि विभाग की किसानों को सलाह
कृषि विभाग ने किसानों से समय पर बुआई करने, प्रमाणित बीज का उपयोग करने और संतुलित मात्रा में उर्वरकों के प्रयोग की अपील की है. विभाग ने खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखने तथा कीट एवं रोगों की नियमित निगरानी करने की भी सलाह दी है.
कृषि विभाग का कहना है कि मौसम को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र और प्रखंड कृषि कार्यालयों की ओर से जारी तकनीकी सलाह का पालन करने से बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है.
जुलाई का महीना सबसे महत्वपूर्ण
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार जुलाई धान की रोपनी के लिए सबसे महत्वपूर्ण महीना होता है. यदि इस दौरान नियमित बारिश होती रही तो उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ेगा और किसानों को बेहतर उपज मिलने की संभावना बढ़ जाएगी.
मानसून पर टिकी खरीफ की सफलता
देशभर में खरीफ मौसम 2026 की शुरुआत मानसून की धीमी प्रगति के कारण प्रभावित रही. शुरुआती दौर में धान समेत कई खरीफ फसलों का रकबा पिछले वर्ष की तुलना में कम रहा. हालांकि हाल के दिनों में बारिश बढ़ने से बुआई और रोपनी की रफ्तार में सुधार देखा जा रहा है.
किसानों की बढ़ी उम्मीद
- लगातार बारिश से धान की रोपनी में तेजी आई है.
- खेतों में पर्याप्त नमी बनने से कृषि कार्य आसान हुआ है.
- जुलाई और अगस्त में सामान्य वर्षा रहने पर अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ी है.
- किसान बेहतर उत्पादन को लेकर आशान्वित हैं.
किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में मानसून सामान्य बना रहा तो जिले में धान की रोपनी समय पर पूरी हो जाएगी और खरीफ फसलों का उत्पादन भी बेहतर होगा.
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