हज मजहब ए इस्लाम का पांचवां स्तंभ, पूरी दुनिया के मुसलमान मक्का में जमा होकर करते हैं सामूहिक इबादत

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हज मजहब ए इस्लाम का पांचवां स्तंभ, पूरी दुनिया के मुसलमान मक्का में जमा होकर करते हैं सामूहिक इबादत

मजहब-ए-इस्लाम के पांच बुनियादी स्तंभों कलमा, नमाज, रोजा, जकात व हज में हज पांचवां व अंतिम स्तंभ है. इसका प्रभाव सबसे अधिक है.

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हर मुसलमान पर जिंदगी में एक बार हज फर्ज है, जो साहिबे निसाब है अररिया. मजहब-ए-इस्लाम के पांच बुनियादी स्तंभों कलमा, नमाज, रोजा, जकात व हज में हज पांचवां व अंतिम स्तंभ है. इसका प्रभाव सबसे अधिक है. यह हर उस मुसलमान पर जीवन में एक बार फर्ज है जो मक्का यात्रा की शारीरिक व आर्थिक शक्ति रखता हो. आज पूरी दुनिया के मुसलमान मक्का में काबा के पास सामूहिक रूप से जमा होकर इबादत करेंगे. हज को लेकर अररिया के विभिन्न उलेमाओं ने विस्तार से जानकारी दी. मदरसा इस्लामिया यतीम खाना अररिया के हेड मौलवी व जमीयतुल उलमा-ए-हिंद के प्रदेश उपाध्यक्ष मौलाना शाहिद आदिल कासमी ने बताया कि नमाज, रोजा, जकात में इंसान को पत्नी, संतान व घर-परिवार नहीं छोड़ना पड़ता, लेकिन हज के लिए इन सब का परित्याग कर ईश्वर प्रेम में मक्का जाकर लगभग 40 दिन की इबादत करनी पड़ती है. यह सामूहिक इबादत है जिसमें पूरी दुनिया के लोग एकत्र होकर अमन-शांति के लिए दुआ करते हैं. जमात-ए-इस्लामी हिंद व इस्लामिक मामलों के जानकार मोहसिन ने कहा कि हज ईश्वर प्रेम की वह भावना है जिसमें इंसान सब कुछ छोड़कर मक्का का सफर करता है. इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है. काबा में एकत्र होकर मुसलमान एक-दूसरे से परिचित होते हैं. यह ईश्वरीय प्रेम, समर्पण, शुक्र व सब्र की परीक्षा है. इमारत-ए-शरिया दारुल कजा अररिया के काजी अतिकुल्लाह रहमानी ने कहा कि हज हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की कुर्बानी की याद में है, जिसे ईद-उल-अजहा या बकरीद कहा जाता है. कुर्बानी हजरत इब्राहिम की सुन्नत है. जमीयतुल उलमा-ए-हिंद अररिया के सचिव मुफ्ती अतहरुल कासमी ने कहा कि इस मौके पर पूरी दुनिया के मुसलमान एक जैसा लिबास पहनकर पुकारते हैं: हाजिर हूं मेरे अल्लाह, हाजिर हूं, तेरा कोई साझी नहीं, सब प्रशंसा तेरे लिए ही है. यह इस्लाम का अनुपम विधान है जो त्याग, समर्पण व बलिदान को समर्पित है और पूरे संसार को भक्तिमय बना देता है.

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प्रफुल्ल भारती

लेखक के बारे में

By प्रफुल्ल भारती

प्रफुल्ल भारती प्रिंट माध्यम में 16 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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