जल संसाधन, पारिस्थितिकी व पर्यावरण संरक्षण में मत्स्य पालक निभाएं अपनी जिम्मेदारी : डीएम
Published by : MRIGENDRA MANI SINGH Updated At : 21 Nov 2025 7:33 PM
विश्व मात्स्यिकी दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन
जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की रणनीति पर हुआ विचार अररिया. समाहरणालय स्थित परमान सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी अनिल कुमार की अध्यक्षता में विश्व मात्स्यिकी दिवस का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी अनिल कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी दिलीप कुमार, जिले के प्रगतिशील मत्स्य पालक प्रभात कुमार सिंह, जिला मत्स्य पदाधिकारी बालकृष्ण गोपाल ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम में जिले के करीब 200 मत्स्य कृषक व प्रखंड स्तरीय मत्स्यजीवी सहयोग समिति सदस्यों ने भाग लिया. कार्यक्रम के आरंभ में जिला मत्स्य पदाधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया. उन्होंने मात्स्यिकी दिवस की महत्ता व उद्देश्य के बारे में बताते हुए कहा कि इस दिवस का आयोजन मत्स्य संसाधनों व उसके परिस्थिति तंत्र को आगे की पीढ़ियों के लिए प्रचुरता व विविधता के साथ बचाये रखने के उद्देश्य से मछुआरों के बीच जागरूकता फैलाना है. ताकि पीढ़ी दर पीढ़ी उनका रोजगार बना रहे. जिलाधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि मछुआरा समाज से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी जीविका का स्थायित्व बनाए रखने के लिए जल संसाधन, पर्यावरण व पारिस्थितिकी को बचाये रखने के लिए सचेत व जिम्मेदार रहें. तभी उनकी अगली पीढ़ी के लिए रोजगार का ये स्थायित्व बना रहेगा. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बनाये गये नियमों का पालन करते हुए नदियों में मछली पकड़ने का काम करें. उन्होंने नियमों का उल्लंघन नहीं करने की सलाह मत्स्य पालकों को दिया. उन्होंने कहा कि इससे उनके समुदाय का भला होगा. सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाने व जलकरों का बेहतर प्रबंधन करने के लिए उन्होंने मत्स्य पालकों को प्रेरित किया. ताकि उनका जीवन समृद्ध व खुशहाल बन सके. उन्होंने मत्स्य पालकों को मत्स्य पालन से जुड़ी नई तकनीकों का उपयोग कर जिप में मत्स्य पाल को बढ़ावा दें. ताकि हमारा जिला मत्स्य पालन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके व जिला में उत्पादित मत्स्य अन्य जिलों को भी निर्यात किया जा सके. उन्होंने जिले में मत्स्यबीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये हैचरी संचालकों को कई जरूरी दिशानिर्देश दिया. उन्होंने किसानों को अपने तालाब में कुछ हिस्सों में नवाचार तकनीक अपनाने का सुझाव दिया. ताकि किसानों के आय में इजाफा संभव हो सके. मत्स्यजीवी सहयोग समिति द्वारा उठाये गये जलकरों के अतिक्रमण संबंधी मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिला मत्स्य पदाधिकारी के माध्यम से ऐसे जलकरों की सूची उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया ताकि जलकरों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए उचित प्रशासनिक कार्रवाई किया जा सके. कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में मत्स्य विभाग के क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने मत्स्य पालकों को केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना व राज्य सरकार द्वारा संचालित चौर विकास व अन्य योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक कागजात, अनुदान, ऑनलाइन आवेदन करने संबंधी जानकारी साझा किया गया. कार्यक्रम के अंत में जिला मत्स्य पदाधिकारी बालकृष्ण गोपाल ने सभी उपस्थित अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया. इस मौके पर जिला मत्स्य कार्यालय के सभी अधिकारी व कर्मी मौजूद थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










