6 से 9 जनवरी तक किसानों का रजिस्ट्रेशन, फार्मर रजिस्ट्री हुई अनिवार्य, अब आधार की तरह मिलेगी डिजिटल पहचान
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 04 Jan 2026 9:28 PM
AI फोटो
Bihar Farmer Registry: बिहार के अररिया और बेतिया सहित विभिन्न जिलों में किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री अभियान शुरू होने जा रहा है. 6 से 9 जनवरी तक शिविरों में किसानों को डिजिटल पहचान दी जाएगी. ई-केवाईसी और रजिस्ट्रेशन न कराने पर पीएम किसान सम्मान निधि और अन्य सरकारी लाभों से वंचित होना पड़ सकता है.
Bihar Farmer Registry: बिहार सरकार के कृषि विभाग ने किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. राज्य के सभी किसानों को अब डिजिटल पहचान दी जाएगी, जिसे फार्मर रजिस्ट्री या फार्मर आईडी कहा जा रहा है. इसके लिए सरकार ने फार्मर रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य कर दिया है.
अररिया में तैयारी शुरू
अररिया जिले में इस योजना को लेकर कृषि विभाग ने तैयारी तेज कर दी है. जानकारी के अनुसार जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के करीब 2 लाख 78 हजार लाभुक किसान हैं. इनमें से अब तक लगभग 23 हजार किसानों का ही फार्मर रजिस्ट्रेशन हो पाया है. बाकी किसानों को जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. इसी क्रम में जिले में 6 जनवरी से 9 जनवरी तक विशेष अभियान चलाया जाएगा. इसके बाद 18 से 21 जनवरी तक दूसरे चरण में भी विशेष शिविर लगाए जाएंगे. ये शिविर पंचायत कृषि कार्यालय, पंचायत भवन और पंचायत सरकार भवन में आयोजित किए जाएंगे.
क्या-क्या फायदा होगा
फार्मर आईडी बनवाने के लिए किसानों को आधार कार्ड, जमीन से जुड़े कागजात और मोबाइल नंबर साथ लाना होगा. किसान अपने क्षेत्र के कृषि समन्वयक, सहायक तकनीकी प्रबंधक या किसान सलाहकार से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं. फार्मर रजिस्ट्री के बाद किसानों को फसल ऋण, फसल बीमा, आपदा राहत और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी.
पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में फार्मर रजिस्ट्रेशन और ई-केवाईसी को लेकर कृषि विभाग ने सख्त चेतावनी दी है. जिला कृषि पदाधिकारी सरफराज असगर ने बताया कि जिले में पीएम किसान योजना के 2.80 लाख से अधिक लाभुक हैं, लेकिन अब तक केवल 17100 किसानों ने ही फार्मर रजिस्ट्रेशन कराया है. जिन किसानों ने समय रहते फार्मर रजिस्ट्रेशन और ई-केवाईसी नहीं कराया, उन्हें पीएम किसान की अगली किश्त से वंचित होना पड़ सकता है.
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किसानों से क्या अपील की गई
किसानों की सुविधा के लिए बेतिया में भी मिशन मोड में शिविर लगाए जा रहे हैं. इन शिविरों में एक ही जगह ई-केवाईसी, फार्मर रजिस्ट्रेशन और दस्तावेज वेरिफिकेशन किया जाएगा. कृषि विभाग के साथ राजस्व विभाग के कर्मचारी भी शिविरों में मौजूद रहेंगे.
शिविर में सफल रजिस्ट्रेशन के बाद किसानों को एक यूनिक आईडी दी जाएगी, जिसके माध्यम से वे भविष्य में सभी कृषि योजनाओं का लाभ ले सकेंगे. कृषि विभाग ने दोनों जिलों के किसानों से अपील की है कि वे तय तिथियों में अपने पंचायत में लगने वाले शिविरों में पहुंचकर समय रहते फार्मर रजिस्ट्रेशन और ई-केवाईसी कराएं, ताकि किसी भी योजना का लाभ रुक न जाए.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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