चप्पल पहन कर गाड़ी चलाने पर क्या कट सकता है चालान? क्या कहता है कानून?
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 22 Feb 2026 12:45 PM
चप्पल पहनकर ड्राइविंग पर जुर्माना नहीं, लेकिन खतरा है / (फोटो: AI जेनरेटेड)
क्या चप्पल पहनकर ड्राइविंग करने पर चालान कट सकता है? मोटर व्हीकल एक्ट में ऐसा कोई नियम नहीं है, लेकिन सुरक्षा कारणों से जूते पहनना बेहतर है. जानिए पूरी सच्चाई
ड्राइविंग केवल गाड़ी चलाने की कला नहीं है, बल्कि यह जिम्मेदारी, अनुशासन और सुरक्षा का प्रतीक भी है. सड़क पर लिया गया हर फैसला जीवन और मौत के बीच की दूरी तय कर सकता है. भारत में ट्रैफिक नियमों को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति बन जाती है. कई लोग मान लेते हैं कि चप्पल या फ्लिप-फ्लॉप पहनकर गाड़ी चलाना गैरकानूनी है और इसके लिए चालान कट सकता है. लेकिन हकीकत कुछ और है. अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या चप्पल पहनकर गाड़ी चलाना कानूनन अपराध है? क्या इसके लिए चालान कट सकता है?
कानून क्या कहता है
मोटर व्हीकल एक्ट में कहीं भी यह प्रावधान नहीं है कि चप्पल पहनकर गाड़ी चलाने पर जुर्माना लगेगा. 2019 में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी स्पष्ट किया था कि इस तरह की व्याख्या गलत है. यानी ट्रैफिक पुलिस केवल चप्पल पहनने के आधार पर चालान नहीं काट सकती.
क्यों फैला यह भ्रम?
पिछले कई सालों से सोशल मीडिया और कुछ पुलिसकर्मियों के बयानों के कारण यह धारणा बनी कि चप्पल पहनकर ड्राइविंग करना प्रतिबंधित है. असल में यह नियमों की गलत व्याख्या थी, जिसे बाद में सरकार ने साफ किया.
सुरक्षा का पहलू क्या है?
हालांकि कानून में कोई रोक नहीं है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से चप्पल पहनकर गाड़ी चलाना जोखिम भरा हो सकता है. चप्पल पैडल पर सही पकड़ नहीं बना पाती, फिसल सकती है और अचानक ब्रेक या क्लच दबाने में दिक्कत हो सकती है. यही वजह है कि विशेषज्ञ हमेशा जूते पहनकर ड्राइविंग करने की सलाह देते हैं.
दोपहिया वाहन पर और बढ़ जाता है खतरा
बाइक या स्कूटर चलाते समय चप्पल पहनना और भी खतरनाक है.सड़क पर फिसलने, पैर में चोट लगने और संतुलन बिगड़ने की संभावना ज्यादा रहती है. इसलिए राइडिंग गियर और मजबूत फुटवियर का इस्तेमाल करना बेहतर है.
सुरक्षित ड्राइविंग के लिए समझदारी
कानून की नजर में चप्पल पहनकर गाड़ी चलाना अपराध नहीं है और इसके लिए चालान नहीं कटेगा. लेकिन सुरक्षित ड्राइविंग के लिए जूते पहनना ही समझदारी है.
यह भी पढ़ें: RTO जाने की जरूरत नहीं, सब काम ऐप से, नाम है mParivahan
यह भी पढ़ें: थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्यों है जरूरी? इसके बिना पकड़े गए तो होगा बड़ा नुकसान
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










