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थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्यों है जरूरी? इसके बिना पकड़े गए तो होगा बड़ा नुकसान

23 Jan, 2026 5:44 pm
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Third-party insurance

क्यों है थर्ड पार्टी इंश्योरेंस आपकी सबसे बड़ी ढाल? / / सांकेतिक तस्वीर चैटजीपीटी एआई से

बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस गाड़ी चलाना सिर्फ कानून तोड़ना नहीं, बल्कि लाखों का नुकसान भी है. जानिए नियम, जुर्माना और खर्च

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मैंने अक्सर देखा है कि लोग बाइक या कार खरीदते वक्त इंश्योरेंस को बस फॉर्मेलिटी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन सच यही है कि बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के गाड़ी चलाना सिर्फ कानून तोड़ना नहीं, बल्कि अपनी जेब और प्राइवेसी दोनों को खतरे में डालना है. भारत में यह बीमा कानूनी रूप से अनिवार्य है, फिर भी आधे से ज्यादा वाहन मालिक इसे नजरअंदाज कर रहे हैं.

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस असल में है क्या?

सीधी भाषा में समझिए, तो अगर आपकी गाड़ी से किसी राहगीर को चोट लग जाए, उसकी मौत हो जाए या उसकी गाड़ी/सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचे, तो उसका मुआवजा आपके इंश्योरेंस से दिया जाता है. यानी यह बीमा आपके लिए नहीं, बल्कि सामने वाले की सुरक्षा के लिए बनाया गया है.

इसमें क्या-क्या मिलता है कवर?

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में तीन बड़ी चीजें शामिल होती हैं:

  • किसी व्यक्ति की चोट या मौत का मुआवजा
  • दूसरे वाहन का नुकसान
  • सड़क पर सरकारी संपत्ति जैसे पोल, डिवाइडर आदि का नुकसान

यानी हादसे के वक्त यह बीमा आपके लिए कानूनी कवच बन जाता है.

क्या नहीं बचाता यह बीमा?

यहां सबसे बड़ा भ्रम टूटता है. थर्ड पार्टी इंश्योरेंस आपकी अपनी गाड़ी को नहीं बचाता.

  • आपकी बाइक/कार का नुकसान
  • चोरी या आग से नुकसान
  • आपकी मेडिकल ट्रीटमेंट कॉस्ट

इन सबके लिए अलग से Comprehensive Insurance लेना पड़ता है.

बिना इंश्योरेंस पकड़े गए तो?

ट्रैफिक पुलिस ने रोका और आपके पास वैध इंश्योरेंस नहीं मिला तो सीधे जुर्माना.

  • पहली बार ₹2000 तक
  • बार-बार पकड़े जाने पर जुर्माना और बढ़ सकता है
  • कुछ मामलों में जेल और लाइसेंस सस्पेंड होने का भी खतरा

और अगर एक्सीडेंट हो गया तो लाखों का मुआवजा आपको अपनी जेब से देना पड़ सकता है.

कितना खर्च आता है थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पर?

सरकार हर साल प्रीमियम तय करती है और यह जेब पर भारी नहीं पड़ता.

बाइक: ₹538 से ₹2,804 तक (इंजन CC के हिसाब से)

कार: ₹2,094 से ₹7,897 तक

अगर आप लॉन्ग टर्म पॉलिसी लेते हैं तो हर साल रिन्यू कराने की टेंशन खत्म और कीमत भी लॉक हो जाती है.

सबसे बड़ी सलाह

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को सिर्फ चालान से बचने का तरीका मत समझिए. यह हादसे और कानूनी केस से बचने का असली हथियार है. और अगर अपनी गाड़ी को भी सुरक्षित रखना चाहते हैं तो Comprehensive Insurance जरूर लीजिए.

यह भी पढ़ें: SUV, ADAS और DRL का क्या मतलब होता है? नयी गाड़ी लेने से पहले जान लें इन टर्म्स का मतलब

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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