अररिया में खाद कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन: 8 विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द, 2 पर एफआईआर ; जिलाधिकारी विनोद दूहन ने दिए कड़े निर्देश

Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 21 May 2026 3:35 PM

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जिला कृषि टास्क फोर्स व उर्वरक निगरानी समिति की बैठक

अररिया समाहरणालय में जिलाधिकारी (DM) विनोद दूहन की अध्यक्षता में जिला कृषि टास्क फोर्स एवं उर्वरक निगरानी समिति की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में कृषि और उससे संबद्ध विभागों की योजनाओं की बारीकी से समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने खाद की जमाखोरी, कालाबाजारी और तस्करी में लिप्त दोषी दुकानदारों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है.

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उर्वरक तस्करों और जमाखोरों पर गिरी गाज, जिला प्रशासन की पैनी नजर

जिले में किसानों को उचित मूल्य पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है. समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी विनोद दूहन ने स्पष्ट किया कि जिले में यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की कोई कमी नहीं है. थोक और खुदरा विक्रेताओं के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है.

विभागीय जांच की प्रगति साझा करते हुए बताया गया कि खरीफ मौसम के दौरान खाद वितरण में अनियमितता और कालाबाजारी का मामला सामने आने के बाद प्रशासन द्वारा अब तक दो दोषी उर्वरक विक्रेताओं के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जा चुकी है. इसके अतिरिक्त, नियमों की अनदेखी करने वाले आठ डीलरों की अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है. डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मिट्टी जांच (सॉइल टेस्टिंग) के उपरांत ही किसानों को संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करने के लिए जागरूक करें.

पशु बीमा और शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए पंचायत स्तर पर लगेंगे शिविर

कृषि के साथ-साथ पशुपालन और डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए बैठक में कई अहम फैसले लिए गए:

  • सस्ता पशु बीमा: जिला गव्य विकास पदाधिकारी को राज्य सरकार द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी पशु बीमा योजना का लाभ जिले के अधिकतम पशुपालकों तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया. बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत एक पशु के बीमा के लिए प्रति वर्ष मात्र 289 रुपये की लागत आती है, जो पशुपालकों के लिए बेहद सुरक्षित है.
  • दुग्ध समितियों का गठन: नरपतगंज और फारबिसगंज प्रखंडों में श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने के लिए नई दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों के गठन का काम तेज करने को कहा गया है.
  • टीकाकरण की लाइव मॉनिटरिंग: जिला पशुपालन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि वे पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाकर पशुओं के टीकाकरण का व्यापक प्रचार-प्रसार करें. सभी भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारियों (TVO) और पशु शल्य चिकित्सकों को प्रतिदिन किए गए टीकाकरण व इलाज की तस्वीरें (लाइव लोकेशन के साथ) विभागीय ग्रुप में साझा करनी होगी, जिसके आधार पर जिला पशु चिकित्सा पदाधिकारी प्रतिदिन समेकित रिपोर्ट डीएम कार्यालय को सौंपेंगे.

मत्स्य पालन को बढ़ावा और फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने के निर्देश

जलभराव वाले इलाकों और चौर क्षेत्रों के कायाकल्प को लेकर जिलाधिकारी ने जिला मत्स्य पदाधिकारी को विशेष टास्क सौंपा है. उन्होंने कहा कि जिले में अधिक से अधिक चौर (जलजमाव वाले निचले मैदान) क्षेत्रों को चिन्हित कर वहाँ वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाए, ताकि स्थानीय किसानों की आय को दोगुना किया जा सके.

इसके साथ ही, डिजिटल एग्रीकल्चर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) को फार्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry) की प्रक्रिया में युद्धस्तर पर तेजी लाने की हिदायत दी गई. डीएम ने कहा कि इस कार्य की वे खुद नियमित समीक्षा करेंगे, इसलिए प्रगति प्रतिवेदन समय सीमा के भीतर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें. बैठक में विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारियों सहित कृषि टास्क फोर्स के सभी सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे.

अररिया से पंकज कुमार की रिपोर्ट:

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