अररिया में फर्जी आधार कार्ड रैकेट का भंडाफोड़: कुर्साकांटा में घर से चल रहा था अवैध केंद्र, लैपटॉप व आई-स्कैनर के साथ दो गिरफ्तार

Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 21 May 2026 2:41 PM

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फर्जी आधार निर्माण रैकेट का उद्भेदन को लेकर जानकारी देते एसडीपीओ व अन्य

अररिया जिले की कुर्साकांटा थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अवैध रूप से संचालित किए जा रहे फर्जी आधार कार्ड निर्माण केंद्र का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर गिरोह के दो मुख्य ऑपरेटरों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई के बाद से फर्जी दस्तावेज बनाने वाले सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है.

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खिड़की से कूदकर भाग रहे थे संचालक, पुलिस ने खदेड़कर दबोचा

अवैध केंद्र के खुलासे को लेकर कुर्साकांटा थानाध्यक्ष रोहित कुमार ने बताया कि पुलिस को पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि बाड़ी टोला वार्ड संख्या 05 स्थित एक घर में बिना किसी सरकारी अनुमति के, बाईपास सिस्टम के जरिए अवैध रूप से आधार कार्ड बनाने का खेल चल रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने चिन्हित ठिकाने पर अचानक दबिश दी. पुलिस की गाड़ियों को दरवाजे पर देखते ही भीतर फर्जी कार्ड बना रहे दोनों ऑपरेटर कमरे की खिड़की फांदकर भागने लगे. हालांकि, मुस्तैद पुलिस बल ने घेराबंदी करते हुए काफी मशक्कत के बाद दोनों आरोपियों को खदेड़कर मौके पर ही दबोच लिया.

गिरफ्तार आरोपियों की हुई पहचान, भारी मात्रा में तकनीकी उपकरण जब्त

पुलिस अभिरक्षा में लिए गए दोनों आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप से की गई है:

  • मोहम्मद आरिफ (पिता- मोहम्मद अयूब), निवासी- बाड़ी टोला, कुर्साकांटा.
  • मोहम्मद आबिद (पिता- कलरू उर्फ रकीमुद्दीन), निवासी- वार्ड संख्या 10, कुर्साकांटा.

घटनास्थल की तलाशी के दौरान पुलिस ने अवैध केंद्र से भारी मात्रा में तकनीकी सामग्रियां बरामद की हैं, जिनका उपयोग फर्जी कार्ड बनाने में किया जा रहा था. जब्त सामानों में एक आधुनिक लैपटॉप, एक हाई-टेक आई स्कैनर (आंखों को स्कैन करने वाली मशीन), एक प्रिंटर और कई संदिग्ध दस्तावेज शामिल हैं.

डीएसपी और स्पेशल ब्रांच की टीम ने की घंटों पूछताछ, खुले कई बड़े राज

मामले की संवेदनशीलता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस बड़े सिंडिकेट का पता चलते हीं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार गुरुवार को खुद कुर्साकांटा थाना पहुंचे. उन्होंने दोनों धंधेबाजों से बंद कमरे में घंटों सघन पूछताछ की. इसके साथ ही, मामले के तार अंतरराष्ट्रीय या अंतर-जिला गिरोह से जुड़े होने की आशंका को देखते हुए स्पेशल ब्रांच (खुफिया विभाग) की विशेष टीम भी कुर्साकांटा थाना पहुंची और जांच-पड़ताल की. अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान गिरोह के काम करने के तौर-तरीकों को लेकर कई चौंकाने वाले राज सामने आए हैं, जिन्हें अनुसंधान (जांच) की गोपनीयता के मद्देनजर फिलहाल गुप्त रखा गया है.

फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंकेज खंगाल रही पुलिस, कार्ड इस्तेमाल करने वाले भी नपेंगे: SDPO

प्रेस वार्ता के दौरान एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि जिले में फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेज बनाने वाले रैकेट के खिलाफ लगातार बड़ी कार्रवाई की जा रही है. इससे पूर्व भी पलासी, जोकीहाट समेत जिले के अन्य हिस्सों से ऐसे ही अवैध धंधे में संलिप्त 09 शातिरों को जेल भेजा जा चुका है. डीएसपी ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि पुलिस इस पूरे नेटवर्क के ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज’ (यानी इस गिरोह को तकनीक और फर्जी दस्तावेज कहाँ से मिल रहे थे और ये आगे किन लोगों को कार्ड बेच रहे थे) की गहराई से तफ्तीश कर रही है. उन्होंने साफ किया कि इस केंद्र से जिन भी लोगों ने पैसे देकर अपने कार्ड बनवाए या सुधरवाए हैं, पुलिस उन सभी को चिन्हित कर पूछताछ करेगी. फर्जी तरीके से बने दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वाले तत्वों को भी किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

कुर्साकांटा (अररिया) से मृगेंद्र मणि सिंह व दिलीप सिंह की रिपोर्ट:

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