नेपाल के गैंग सरगना अभिषेक गिरी की जांच भारत तक पहुंची, सीमांचल में निवेश के तार खंगाल रही सीआईबी

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अभिषेक गिरी के काले कारनामे में सीमांचल के कितने साझेदार?:- नेपाल सीआईबी का दावा - तार अंतर्देशीय अपराध से जुड़े.

अभिषेक गिरी को ले जाती नेपाल पुलिस.

नेपाल के आपराधिक संगठन के सरगना अभिषेक गिरी की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा भारत तक पहुँच गया है. सीआईबी गिरी के आर्थिक नेटवर्क और सीमांचल में उसके निवेश की गहन पड़ताल कर रही है.

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जोगबनी (अररिया) से सुदीप भारती की रिपोर्ट

जोगबनी : मोरंग पुलिस द्वारा 27 जून को आपराधिक संगठन के कथित सरगना अभिषेक गिरी की गिरफ्तारी के बाद जांच लगातार नए मोड़ ले रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए नेपाल की केंद्रीय अनुसंधान ब्यूरो (सीआईबी) ने जांच अपने हाथ में ले ली है. अब गिरी से काठमांडू में पूछताछ की जा रही है और उसके आर्थिक नेटवर्क की गहन पड़ताल चल रही है.

सात दिन के रिमांड पर पूछताछ

मोरंग पुलिस प्रमुख एसपी कवित कटवाल ने बताया कि ठगी और आपराधिक विश्वासघात से जुड़े मामलों की जांच के लिए अभिषेक गिरी को सीआईबी की टीम काठमांडू ले गई है. वहां उसे सात दिनों के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है.

सीआईबी के प्रवक्ता अनुपम शमशेर जबरा के अनुसार जांच का मुख्य फोकस गिरी के देश-विदेश में किए गए आर्थिक लेनदेन, निवेश और उससे जुड़े लोगों की भूमिका पर है.

करोड़ों की संपत्ति की हो रही जांच

जांच एजेंसियों के अनुसार अभिषेक गिरी ने चार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का एक मकान खरीदा है. इसके अलावा उसकी पत्नी के नाम पर दर्जनों मकान, जमीन और व्यवसायियों के वाहनों पर कब्जा करने के आरोपों की भी जांच की जा रही है. जांच एजेंसियां उसकी संपत्तियों और आर्थिक स्रोतों का मिलान कर रही हैं.

सीमांचल तक पहुंचे जांच के तार

पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच का दायरा अब भारत तक पहुंच गया है. बताया जा रहा है कि पिछले दो वर्षों के दौरान गिरी ने जोगबनी समेत सीमांचल के सीमावर्ती इलाकों में बड़े पैमाने पर निवेश किया है. ठेकेदारों के जेसीबी और अन्य मशीनें भारत में रखने, टेंडर और कैसीनो से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है.

भारतीय नागरिक भी जांच के दायरे में

सूत्रों का दावा है कि अररिया जिले में कई भारतीय नागरिकों के माध्यम से भी अभिषेक गिरी ने निवेश किया है. इसी वजह से बिहार के कई लोगों की भूमिका भी जांच एजेंसियों के रडार पर है. हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.

सीआईबी का कहना है कि पूछताछ पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस पूरे नेटवर्क में सीमांचल के कितने लोग शामिल थे और उनकी भूमिका क्या रही.

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Shruti Kumari

लेखक के बारे में

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श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। अपने समाचार पोर्टल पर कार्य करते हुए उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में अनुभव हासिल किया। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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