भगवान भरोसे स्वास्थ्य व्यवस्था
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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अतिरिक्त स्वास्थ्य व उपकेंद्रों का हाल बेहाल, कई क्षेत्रों में किराये के मकान में संचालित होता है केंद्र छौड़ाही : सरकार और विभाग के तमाम प्रयास के बावजूद स्वास्थ्य सेवा का हाल सुधरने का नाम नहीं ले रहा है. परिणाम है कि लगभग डेढ़ लाख की आबादी वाले इस प्रखंड के दर्जनों गांवों के विभिन्न […]
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अतिरिक्त स्वास्थ्य व उपकेंद्रों का हाल बेहाल, कई क्षेत्रों में किराये के मकान में संचालित होता है केंद्र
छौड़ाही : सरकार और विभाग के तमाम प्रयास के बावजूद स्वास्थ्य सेवा का हाल सुधरने का नाम नहीं ले रहा है. परिणाम है कि लगभग डेढ़ लाख की आबादी वाले इस प्रखंड के दर्जनों गांवों के विभिन्न रोगों से ग्रसित मरीजों का इलाज नहीं हो पाता है.
अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र एवं उप केंद्रों का हाल बेहाल है. कई इलाके में किराये के मकान में स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हो रहे हैं. प्रखंड क्षेत्र के दस पंचायतों में 18 स्वास्थ्य उपकेंद्र, दो अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं. इन केंद्रों पर दो-दो एएनएम प्रतिनियुक्त हैं लेकिन ये कभी-कभार ही नजर आती हैं. जिले से काफी दूर होने एवं अधिकारियों द्वारा इन केंद्रों के निरीक्षण में शिथिलता के कारण कर्मी नियमित रूप से ड्यूटी पर नहीं आते हैं.
स्वास्थ्य उपकेंद्र की स्थिति : सहुरी पंचायत के वाजितपुर, बरैपुरा, चुरथपार स्वास्थ्य उपकेंद्र में पांच एएनएम हैं जबकि डॉक्टर एक भी नहीं है. मालपुर स्थित चारमालपुर, श्यामपुर, एवीएचसी लखनपट्टी में दो एएनएम और एक डॉक्टर हैं. सिहमा पंचायत के बकारी, सिहमा स्वास्थ्य उपकेंद्र में चार एएनएम हैं डॉक्टर नहीं. अमारी में चार एएनएम हैं. डॉक्टर एक हैं. शाहपुर में स्वास्थ्य उपकेंद्र भोजा में एक एएनएम, ऐजनी के बेंगा, ऐजनी में दो एएनएम, नारायणपीपड़ में जाना, पनसल्ला में पांच एएनएम कार्यरत हैं. परोरा में दो व एकंबा स्वास्थ्य उपकेंद्र में एक एएनएम तैनात हैं.
क्या कहते हैं लोग
कभी-कभार टीकाकरण के समय इन केंद्रों पर स्वास्थ्यकर्मी का दर्शन हो पाता है. बांकी दिन यहां ताला लटका हुआ रहता है. उप स्वास्थ्य केंद्र की हालत खुद नाजुक है. भला यहां मरीजों का क्या हो सकता है.
मो शौकत अली, सरपंच एजनी पंचायत
मरीज का हाल बेहाल है और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मालामाल हैं. उप स्वास्थ्य केंद्र में कागज पर ही ड्यूटी, सीमित है. निजी डॉक्टर के भरोसे यहां की आबादी है. कोई देखने सुनने वाला नहीं है.
रामनरेश यादव, राजोपुर, छौड़ाही
हमारे पंचायत में एक अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र है. कुछ माह पहले यहां प्रसव कार्य होता था. लेकिन वो भी बंद हो गया. केंद्र का हाल खस्ता है.
अरविंद कुमार महतो, अमारी
जो भी संसाधन उपलब्ध है. उससे बेहतर व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है. मुख्यालय के पीएचसी में कर्मियों की कर्मी के कारण प्रत्येक केंद्र को व्यवस्थित करना मुश्किल हो रहा है.
भवेश कुमार वर्मा, स्वास्थ्य प्रबंधक, छौड़ाही पीएचसी
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